महासमुंद, पिथौरा एवं श्रीनगरपाली के 20 ग्राम अभ्युदय में कृषक चौपाल एवं संविदा संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया

मौसमी के उपयोग एवं विकल्प, प्राकृतिक खेती एवं जैविक उत्पादों की दी गई जानकारी

महासमुंद – जिले में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम के तहत 30 जून तक रासायनिक खेती के सीमित और समझदारी पूर्ण उपयोग और प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों और आम जनता में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से किसान चौपाल और सांस्कृतिक संघ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज विकासखण्ड महासमुंद में 5 ग्राम पंचायत, पिथौरा में 10 एवं सरायपाली में 5 कुल 20 ग्राम पंचायत में कृषक चौपाल एवं कृषक समन्वय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कृषक चौपालों में कृषि एवं कृषि उत्पादों के असंतुलित उपयोग से भूमि की प्राकृतिक उर्वरकता एवं औद्योगिक उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। इस चुनौती से जैविक एवं प्राकृतिक खेती मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो पारंपरिक ज्ञान पर आधारित स्थिरता एवं आर्थिक रूप से जैविक एवं प्राकृतिक खेती की पद्धति है। कार्यक्रम में किसानों को स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती के लाभ, हरी खाद एवं नील हरित काई के उपयोग, तथा बायोलॉजिकल प्रोडक्शन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही किसानों को एनपीके, सीमेंट, डीएनएस, ग्रेडिएंट्स, ग्रेडिएंट्स डी.पी.पी., जैविक खाद एवं सूक्ष्म पोषक तत्व के रूप में उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा किसानों को स्वास्थ्य कार्ड की भर्ती के लिए दिशानिर्देशों के अनुसार उपयोग की जानकारी दी गई।