जिले में अधिकारियों की भरमार फिर क्यो भरस्टाचार को मौन सहमति
20 लाख की बाउंड्रीवाल 30 दिन में फटी, अधीक्षक ने खोली ठेकेदार आकाश चांडक की पोल
बीजापुर – जिला मुख्यालय में सरकारी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बड़ा खेल उजागर हुआ है। लाखों रुपये की लागत से बनाई गई बाउंड्रीवाल निर्माण के महज 30 दिनों के भीतर ही जगह-जगह से फटने लगी है। दीवारों में आई चौड़ी दरारें इस बात का सबूत हैं कि सरकारी पैसों को किस तरह घटिया निर्माण में बहाया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित अधीक्षक ने खुद स्वीकार किया है कि ठेकेदार आकाश चांडक को कई बार गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद घटिया सामग्री और लापरवाही से निर्माण कराया गया। अधीक्षक ने साफ कहा कि दीवार कभी भी ढह सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, करोड़ों के सरकारी काम बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के सांठगांठ के जरिए बांटे जा रहे हैं। आरोप है कि इंजीनियरों और अधिकारियों को भारी कमीशन देकर नियमों को कागजों में दफन कर दिया जाता है, जबकि जमीन पर सिर्फ भ्रष्टाचार की दीवारें खड़ी की जाती हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांग्रेस सरकार हो या भाजपा सरकार, ठेकेदार आकाश चांडक का रसूख हमेशा कायम रहा। सत्ता बदली, अधिकारी बदले, लेकिन ठेकेदार का “सिस्टम” नहीं बदला। यही वजह है कि करोड़ों के निर्माण कार्य चहेते ठेकेदारों को मिलते रहे और
गुणवत्ता हमेशा सवालों में रही।
*अब बड़ा सवाल यह है कि —*
*क्या जनता के टैक्स के पैसों की खुली लूट पर प्रशासन कार्रवाई करेगा?*
*क्या घटिया निर्माण कराने वाले इंजीनियर और अधिकारियों पर FIR होगी?*
*क्या बिना टेंडर काम देने वालों की भी जांच होगी?*
*या फिर हर बार की तरह मामला दबाकर भ्रष्टाचार की फाइल बंद कर दी जाएगी?*
जिला मुख्यालय में खड़ी यह दरकती दीवार अब सिर्फ घटिया निर्माण नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की दरार बन चुकी है।
