गरियाबंद – जिले के अंतर्गत देवभोग वन परिक्षेत्र की समितियों में तेन्दूपत्ता का संग्रहण कार्य 24 अप्रैल 2026 से तथा गरियाबंद, धवलपुर, नवागढ़, परसुली, छुरा, मैनपुर, तौरेंगा एवं कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र की समितियों में 01 मई 2026 से प्रारंभ हो चुका है। इस दौरान सीजन 2026 में 70 समितियों के माध्यम से 560 संग्रहण केन्द्रो में तेन्दूपत्ता खरीदी किया जा रहा है। विगत वर्ष जिले में कुल 79 हजार 698.227 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण किया गया था। जिससे 64 हजार 555 तेन्दूपत्ता संग्राहको को राशि 43 करोड़ 83 लाख 40 हजार 248.50 रुपये संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में भुगतान किया गया था।वनमंडलाधिकारी शशिगानंदन के. एवं उप प्रबंध संचालक नदीम कृष्ण बरिहा ने बताया कि सम्पूर्ण वनमण्डल एवं जिला यूनियन, गरियाबंद के समस्त 70 समितियों हेतु अग्रिम में क्रेता नियुक्त किए जा चुके है, तेन्दूपत्ता संग्रहण हेतु पूरी तैयारी वन विभाग एवं जिला यूनियन, गरियाबंद के द्वारा किया जा चुका है। फड़ों पर जिला कार्यालय एवं वन विभाग के समन्वय से फड़ अभिरक्षक, जोनल अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। तेन्दूपत्ता संग्रहण प्रारंभ करने के सबंध में 17 अप्रैल 2026 को समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें समस्त जोनल अधिकारी, प्रबंधक एवं पोषक अधिकारियों को संग्रहण संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है।
शासन द्वारा वर्ष 2026 के तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 5 हजार 500 रूपये प्रति मानक बोरा निर्धारित किया गया है, जिसका विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। संग्रहण दर में वर्ष 2024 से हुई इस वृद्धि से आम संग्राहकों में अत्यंत उमंग एवं उल्लास का माहौल है। जिले में लगभग 68 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित होने की संभावना है। वर्ष 2026 अंतर्गत परसूली वन परिक्षेत्र के प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मर्यादित महुआभाठा समिति सबसे अधिक दर 11 हजार 617 रूपये प्रति मानक बोरा की दर पर विक्रय हुआ है।
वनमंडलाधिकारी शशिगानंदन के. ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण पारिश्रमिक के अतिरिक्त चरणपादुका, बीमा तथा पुत्र-पुत्रियों को शिष्यवृत्ति योजना, बोनस का लाभ दिलाई जाती है। वर्ष 2025 में 62 हजार 146 महिला संग्राहकों को चरणपादुका वितरण किया गया है। वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों से अपील की गई है कि अच्छी गुणवत्ता युक्त तेन्दूपत्ता ही फड़ों पर लाएं एवं जिन संग्राहकों के द्वारा ऑनलाईन सर्वेक्षण नहीं कराया गया है वे प्रबंधकों, फड़मुंशी के माध्यम से अपने आधार, बैंक पासबुक की जानकारी प्रस्तुत कर ऑनलाईन भुगतान पोर्टल में अपना नाम दर्ज करायें। प्रत्येक संग्राहक परिवार द्वारा कम से कम 500 गड्डी या उससे अधिक तेन्दूपत्ता का संग्रहण अवश्य किया जाए ताकि उन्हें शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके ।
