कांकेर – आदि कर्मयोगी अभियान जिले के सभी सातों विकासखंडों के 552 जनजातीय बौल्य ग्रामों में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। के अंतर्गत लाइन लिंक नासा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ आदि कर्मयोगी अभियान के लिए पहल की जरूरत है।सेवा पर्व, सेवा पखवाड़े के सभी जिलों में समस्त पृथ्वी आबा जन जातीय ग्राम उत्थान अभियान के तहत 552 ग्रामों में आदि चिन्हांकित मनाया जा रहा है। इस दौरान ब्लॉक के वैज्ञानिक मास्टर ट्रेनर्स, आदि सहयोगी, आदि मित्र स्वयंसेवी संस्थान के प्रतिनिधि और ग्रामवासियों की सलाह से ग्रामों का भ्रमण कर निरीक्षण की जानकारी ले रहे हैं। ग्रामों के सिद्धांतों पर चर्चा कर विलेज विजिंग लक्ष्य के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में क्रिटिकल गैप की पहचान कर सहमति के आधार पर सहभागी रूप से विलेज एक्शन प्लान और सामाजिक मानचित्र ‘आज की स्थिति और भविष्य के लिए’ तैयार करने की तैयारी की जाएगी, जिसमें ग्राम के युवाओं और महिलाओं की भी सक्रिय भूमिका होगी। यह कार्यवाही 26 सितंबर तक पूर्ण की जावेगी। गांधी जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को प्रत्येक ग्राम में विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विलेज एक्शन प्लान पर चर्चा की गई। इस दिवस पर ग्रामों में विशेष सभा का आयोजन मुख्यमंत्री द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान पर ग्रामों को प्रश्नोत्तरी की जाने वाली ग्रामवासियों का वचन भी दिया जाएगा। साथ ही आदि सहयोगी, आदि मित्र एवं ग्राम सभा के सभी सदस्यों एवं अन्य सह-भागियों को अपने ग्रामों को विकसित करने की शपथ दिलायी जायेगी।आदि सेवा पर्व के दौरान सभी जिलों के 552 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना की जा रही है। सभी आश्रमों में स्वतंत्रता पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है। साथ ही विकसित भारत एवं आदि कर्मयोगी अभियान पर पेंटिंग, निबंध लेखन आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सेवा में शामिल सभी संस्थाओं की ज़ारिजिनल मान्यताएं और आवेदकों का निदान, शिकायत शिकायत आदि सेवाएं जैसे-आधार कार्ड, आयुष्मान, वन कार्ड अधिकार पत्र, भू-अभिलेख आदि भी सुनिश्चित किए गए हैं।
