छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती पर श्रमिक महासम्मेलन में हितग्राहियों की जय-जयकार की गई।

उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत 100 से अधिक श्रमिक बच्चों को शामिल किया गया है, जिसमें धमतरी जिले के पांच बच्चे शामिल हैं।

धमतरी – छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें वर्ष पूर्ण होने पर पूरे राज्य में रजत जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 17 सितंबर को रायपुर स्थित सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंदौर स्टेडियम में श्रम विभाग द्वारा भगवान  कृष्ण जयंती के अवसर पर श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन के अध्यक्ष  विष्णुदेव मुख्य अतिथि थे।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव द्वारा अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 100 से अधिक श्रमिक बच्चों को शामिल किया गया है, जिसमें धमतरी जिले के पांच बच्चे शामिल हैं। जिले के 12,335 पर्यटकों को अलग-अलग नामांकन के तहत कुल 2 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई। जिले से 500 हितग्राही सम्मेलन में शामिल हुए।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी के इंदौर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में कहा कि सरकार और उनके परिवार के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा से लेकर आवास और उपकरणों की सुविधा तक सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ है। छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में श्रमवीरों की भूमिका अतुलनीय है। श्रमवीर समाज के संस्थापक हैं। आपके योगदान से ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर हम श्रमवीरों के परिश्रम को नमन करते हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेशकों के खाते में रविवार को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से रखे गए हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण व्यवसायी कल्याण मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित व्यवसायी राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल में पंजीकृत 1 लाख 84 हजार 220 सदस्यों के खाते में यह राशि सूचीबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीठ हमारी सरकार की पहचान है। किसानों और उद्यमियों का पैसा सीधे उनके खाते में पहुंच रहा है।श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन देवांगन ने कहा कि श्रमिक देश का निर्माण होता है। भगवान विष्णु को शिल्पकार माना जाता है। छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार मोदी की नैतिकता को तेजी से पूरा करने जा रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अगले आध्यात्म सत्र में 100 से 200 सीटें मिलेंगी। श्रमिक बच्चों के हित में मुख्यमंत्री ने की ये घोषणा.