मानसिक स्वास्थ्य एवं बाल संरक्षण कार्यक्रम का महाराष्ट्र यूनिसेफ टीम ने किया निरीक्षण, कलेक्टर एवं यूनिसेफ विशेषज्ञ ने की सराहना।

बीजापुर – महाराष्ट्र यूनिसेफ टीम ने बीजादूतीर अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य एवं बाल संरक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। कलेक्टर के साथ अहम बैठक में जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ द्वारा संचालित अभिनव पहल बीजादूतीर कार्यक्रम का अवलोकन किया गया।इस दौरान टीम ने भैरमगढ़ विकासखंड के पिनकोंडा ग्राम पंचायत में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान का अवलोकन किया और स्वयंसेवकों से क्लब की जानकारी ली। महाराष्ट्र से आए आगंतुकों को ग्राम पंचायत के सरपंच शांति मंडावी, सचिव श्री लक्ष्मण कडती और जनप्रतिनिधियों ने आदिवासी नृत्य के साथ स्वागत किया। आदिवासी खान पान से परिचय भी कराया गया, जिसमें महुआ लड्डू, मंडिया पेज, चापड़ा चटनी आदि का स्वाद लिया गया।टीम ने डोर टू डोर जाकर बीजादूतीर द्वारा किए जा रहे प्रेरित कार्यों को समझा, जिसमें पढ़ाई का कोना, स्कूल ड्रॉप आऊट बच्चों के घर प्रेरित कार्य, मानसिक अस्वस्थता से स्वास्थ्य की ओर हितग्राही से मुलाकात, कुपोषित बच्चों का भर्ती, गर्भवती महिला को प्रेरित करने एवं आई सी मैटेरियल की जानकारी ली गई। इसके अलावा, टीम ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कोतापाल स्कूलों का विजिट भी किया, जहाँ शिक्षक अंजलि मार्केला एवं श्रीमती प्रभा इक्का व संकुल समन्वयक श्री भदौरिया एवं बच्चों के द्वारा सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा SEL कार्यक्रमों का अवलोकन किया गया।इस दौरान बच्चों के साथ बातचीत कर उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिति की जानकारी ली गई। बच्चों के लिए सुरक्षित जगह सेफ स्पेस की जानकारी लिया गया। ग्रामीणों के साथ सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य पर बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य पर अपनी समझ बताई और बीजादूतीर स्वयंसेवकों द्वारा किए गए प्रयासों को अवगत कराया।कलेक्टर संबित मिश्रा ने बीजादूतीर कार्यक्रम से जुड़े स्वयंसेवकों के प्रोत्साहन हेतु जिले से किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया, जैसे कि दिल्ली एक्सपोजर विजिट, स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस में प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित करना। महाराष्ट्र यूनिसेफ टीम ने मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जानकारी साझा की और स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना की।इस निरीक्षण और बैठकों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बीजादूतीर क्लब के स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे कार्यों को कलेक्टर एवं यूनिसेफ विशेषज्ञों ने सराहा। मानसिक स्वास्थ्य एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी कार्य करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

आगामी योजनाएं – कलेक्टर संबित मिश्रा ने स्वयंसेवकों के साथ बैठक में आगामी योजनाओं पर चर्चा की, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को और मजबूत करने, आकांक्षी विकासखंड उसुर में ब्लॉक समन्वयक रखने पर सहमति जताई एवं बीजादूतीर स्वयंसेवकों के लिए ट्रेनिंग और क्लबों के विस्तार की योजना बनाई गई। सामाजिक व्यवहार परिवर्तन पर और कार्य करने पर सहमति जताई गई।

बैठक में यूनिसेफ महाराष्ट्र टीम सहित यूनिसेफ छत्तीसगढ़ से सामाजिक व्यवहार परिवर्तन अभिषेक, बाल संरक्षण स्पेशलिस्ट चेतन देसाई, सलाहकार स्नेहिल राठौर, छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति के सीईओ  मानस बैनर्जी, राज्य समन्वयक दानिश के हुसैन,  योगेश पुरोहित, बीजादूतीर कार्यक्रम जिला समन्वयक  अशोक पाण्डेय ब्लॉक समन्वयक स्वयंसेवकों की उपस्थिति रहीं।