सियासी नज़र – मटन मार्केट में जलभराव – पालिका के खिलाफ पालिका उपाध्यक्ष का आंदोलन – अध्यक्ष और उपाध्यक्ष में अनबन के संकेत ।

किरंदुल – छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगर पालिका में शुमार किरंदुल नगर पालिका परिषद के मुख्य बाजार में स्थित मटन मार्केट में जलभराव की स्थिति कई वर्षों से बारिश के दिनों में आम बात हो चुकी है ।जिस कारण मटन ,मछली ,चिकन बेचने वाले व्यापारियों को बरसात के दिनों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ।हमारी सियासी नज़र ने देखा कि जब जब किरंदुल नगर में मूसलाधार बारिश होती है तब तब नगर के सफेद कुर्ता और सफेद शर्ट पहन कर अपने आप को मटन मार्केट का शुभचिंतक मानने वाले नेताओं की भीड़ उस दौरान मटन मार्केट में हुए जलभराव को देखने और प्रभावित दुकानदारों के साथ सेल्फी लेकर नगर के सभी व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल करने की होड़ में लगे नज़र आते हैं ।ऐसा ही एक नज़ारा शनिवार की दोपहर को आई मूसलाधार बारिश के आने से भी देखने को मिला । परंतु उसके अगले दिन यानी रविवार सुबह को किरंदुल पालिका परिषद के उपाध्यक्ष जो कि कांग्रेस की ओर से पालिका उपाध्यक्ष के पद पर आसीन है ने मटन मार्केट के दुकानदारों के साथ मिलकर एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के रेक लोडिंग के पॉइंट में परिवहन कर रही हाइवा को रोक कर मटन व्यवसायियों के प्रति सहानुभूति दर्ज की ।पालिका उपाध्यक्ष के इस सड़क के आंदोलन को देखते हुए तत्काल प्रभाव से किरंदुल पालिका अध्यक्ष जिन्होंने भाजपा की ओर से पालिकाध्यक्ष की कुर्सी हासिल की है ने तवतरित कार्यवाही करते हुए जलभराव की समस्या से निजात दिलाने अस्थायी नाली निर्माण का आदेश दिया ।सवाल यह है कि किरंदुल पालिका के उपाध्यक्ष को अपनी ही पालिका या कहे पालिका अध्यक्ष या पालिका प्रशासन के खिलाफ सड़क पर आंदोलन करने की क्या जरूरत आन पड़ी । पालिका उपाध्यक्ष के द्वारा पालिका प्रशासन के खिलाफ सड़क के इस आंदोलन ने नगर में चल रही सियासी राजनीति में बारिश के दिनों में भी गर्माहट बना दी है । राजनेतिक फिजा में सिर्फ एक ही बात गूंज रही है कि पालिका उपाध्यक्ष के अपनी ही पालिका प्रशासन के खिलाफ आंदोलन क्या पालिका उपाध्यक्ष और पालिकाध्यक्ष के बीच अनबन के संकेत है ।