मोर उल्लास केंद्र गंगरेल का किया गया निरीक्षण ।

धमतरी – मोर उल्लास केंद्र गंगरेल में सायंकालीन कक्षा का निरीक्षण सह मार्गदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी तेजराम जगदल्ले, सहायक संचालक लीलाधर चौधरी, जिला परियोजना अधिकारी खेमेन्द्र कुमार साहू व SRG प्रीति शांडिल्य द्वारा किया गया, जगदल्ले जी ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि मानव को एक सफल जीवन जीने के लिए आज मात्र रोटी कपड़ा और मकान की आवश्यकता के साथ उनकी आवश्यकताओं में एक प्रमुख विषय है साक्षर होना,तभी वह समाज की मुख्य धारा के साथ जुड़ पायेगा. वर्तमान समय में डिजिटल साक्षरता की अनिवार्यता है जिसमें बैंकिंग कार्य,फोन पे, QR कोड स्कैनिंग, कानूनी जानकारी और विभिन्न एप का मोबाइल द्वारा प्रयोग कर शिक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त करना आदि का ज्ञान होना भी आवश्यक है साथ ही स्वच्छता व जल संरक्षण भाषा व संख्या ज्ञान पर आधारित संदर्शिका व अभ्यास पुस्तिका और उल्लास बैग का वितरण किया गया उल्लास परीक्षा हेतु पठन, लेखन व डिजिटल साक्षरता संबंधित महापरीक्षा की तैयारी करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया,DPO खेमेन्द्र कुमार साहू जी ने कहा जिला धमतरी में 20,000लर्नर व 2000 VT वालेंटियर टीचर का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है जिसकी उल्लास एप व NILP पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिसमे महिला साक्षरता दर में वृद्धि हेतु महिलाओं व दिव्यांग जनो को प्राथमिकता दिया गया है, सहायक संचालक चौधरी जी ने बताया की सभी प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में “मोर उल्लास केंद्र” का आरम्भ किया गया है इच वन टीच वन की थीम पर घर पर भी शिक्षण कार्य जारी है.यह कार्यक्रम केवल अक्षर व संख्या ज्ञान तक सीमित नहीं है बल्कि व्यक्ति के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक है जिसमें उन्हें कानूनी, वित्तीय, स्वास्थ्य,बैंकिंग,डिजिटल साक्षरता आदि महत्वपूर्ण जीवन कौशल का ज्ञान होगा। गंगरेल ग्राम के स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रोत्साहित कर असाक्षरों को नवसाक्षर बनाने में सहयोग देने हेतु मार्गदर्शन दिया गया.SRG प्रीति शांडिल्य ने कार्यक्रम के विषय में बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम योजना प्रारंभ की गई है जिसका लोकप्रिय नाम उल्लास( ULLAS) Understanding Life Long Learning For All In Society है, समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ इस योजना का उद्देश्य है 15वर्ष और उससे अधिक आयु वाले व्यस्को को इस रूप में साक्षर करना कि वे सशक्त व्यक्तित्व बन सकें और समाज के विकास में अपना योगदान दें सकें.। साथ ही इच वन टीच वन की थीम पर धमतरी जिले कों शतप्रतिशत साक्षर बनाने का प्रण लिया गया है, मोर उल्लास केंद्र प्रत्येक ग्राम पंचायत की शाला में आरम्भ किया जाना सुनिश्चित किया गया, मोर उल्लास केंद्र में VT गीतांजली साहू, सरोज काड़े व लर्नर उल्लासमयी वातावरण में सहभागी रहे .साथ ही सभी उल्लास केंद्रों में वालेंटियर टीचर के सहयोग से अध्यन अद्यापन कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए है।