छत्तीसगढ़ी द्विभाषा फार्मुला के मुद्दे पर डिप्टी सीएम से मुलाकात।

रायपुर – शैक्षणिक सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ी पहली से पांचवीं कक्षा तक द्विभाषिक रूप से शामिल करे जाने के खिलाफ छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन ने डिप्टी सीएम श्री अरूण साव जी से मुलाकात किया।
छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन के प्रदेशाध्यक्ष ऋतुराज साहू ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ी को स्कुली शिक्षा में गलत मापदंड एवं दोयम दर्जा दिया जा रहा है, पूर्व में छत्तीसगढ़ी हिंदी सम्मिलित रूप से पढ़ाया जा रहा है, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के तहत मातृभाषा के रूप में छत्तीसगढ़ी माध्यम से अध्ययन कराया जाना है, संगठन ने उपमुख्यमंत्री को राजभाषा छत्तीसगढ़ी को स्कुली शिक्षा में माध्यम या एक विषय के रूप में अनिवार्य रूप से लागू कराने का मांग किया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ी को पूर्व में अध्यायों के रूप में शामिल कर अध्यापन कार्य कराया जा रहा है, इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( NEP) के तहत बदलाव करते हुए अलग किया जाना है,पर शिक्षा विभाग फिर पुरानी पद्धति पर ही शिक्षा देने के विचार में है। ऋतुराज साहू ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ी अनिवार्य रूप से लागू करने से ही छत्तीसगढ़ी भाषा को उचित राजभाषा का मान मिल पायेगा, इसलिए सरकार द्विभाषा रूप में छत्तीसगढ़ी को न लागू कर त्रिभाषा फार्मूला के तहत छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में लागू करे जिससे यहां के लोगों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त हो सके।
मांग करने वाले में  मनोज बंजारे, हरिशंकर वर्मा,चंद्रशुभम बंजारे, लक्की शर्मा, विकास गुप्ता,सागर बोरकर, गजेन्द्र साहुइ, सुनील सहित अन्य लोग शामिल रहे।