सरकारी कर्मचारियों को बाटे जाने वाले प्रशस्ति पत्र की गरिमा को बचाएंः डॉ चोपड़ा

प्रमोद दुबे 

 महासमुंद – पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ विमल चोपड़ा ने 15 अगस्त एवं 26 जनवरी को होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में सरकारी कर्मचारियों को बांटे जाने वाले प्रशस्ति पत्र की गरिमा को बचाए रखने का अनुरोध किया है। राष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री के हाथों भ्रष्ट एवं जनता को प्रताड़ित करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने से ऐसा लगता है कि अधिकारियों के लिए जो व्यक्ति अधिक से अधिक संग्रह जनता की जेब से काटकर करता है वो उनका चहेता होता है एवं उनके नाम की सिफारिश उसका अधिकारी करता है। इस प्रकार की प्रशासनिक हरकतों को देखकर लगता है कि कल दिन संबंधो एवं आर्थिक लाभ के आधार पर जिला बदर लोगों को भी सम्मानित करने से प्रशासन किसी प्रकार का संकोच नहीं करेगा। संपूर्ण जिले में शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिना किसी विशेष उपलब्धि के आसीमित प्रशस्ति पत्र तो बांटे ही जाते हैं, वही जनता जिनकी शिकायत एवं दुर्व्यवहार का जितना आरोप लगाए उसे उतना बड़ा प्रशस्ति पत्र देकर जनता को अंगूठा दिखाने का काम कर, पुरस्कार की सिफारिश करने वाले अधिकारी देश की स्वतंत्रता दिवस की गरिमा को गिराने में किसी प्रकार का संकोच नहीं करते। राजस्व एवं पुलिस विभाग में इस प्रकार की पुरस्कारों की खास परंपरा बनी हुई है। डॉ चोपड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री से इस संबंध में चर्चा की गई, वहीं राजस्व विभाग में समस्त जांच के पश्चात भी प्रकरणों में फैसला देने का काम तब तक नहीं होता जब तक पीड़ित पूजा पाठ न कर ले।

इन्हीं कारणों से राजस्व विभाग में प्रकरणों की संख्या बढ़ती जा रही है और शासन की लगातार चेतावनी के बावजूद अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। जबकि कलेक्टर का मूल विभाग ही राजस्व विभाग है, इसके बाद हाल बेहाल है। इन्हीं सब बातों एवं कांग्रेस शासन के भ्रष्ट रवैय्ये से मुक्त न होने के कारण मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में घूसखोरों एवं भ्रष्ट अधिकारियों के लिए छापामार कार्यवाही एवं जेल भेजने की व्यवस्था की गई है। डॉ चोपड़ा ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार कार्यालय में पहुंचकर जनता के नियमानुसार कामों को पूर्ण कराकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करें।