स्वर्ण जयंती स्मारक को तोड़कर करवाया गया था अतिक्रमण।
प्रमोद दुबे
बेलसोंडा – ग्राम पंचायत बेलसोंडा मे शासकीय भूमि खसरा 376 रकबा 0.29 हेक्टेयर मे अंतिम नोटिस देने के बाद सरपंच भामिनी ने प्रस्ताव क्रमांक 08-08/06/2024 का अनुसरण करते हुए प्रस्ताव क्रमांक 05-30/7/2024 के तहत पंचायतीराज अधिनियम 1993 की धारा 56 मे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अवैध निर्माण तोड़ने की कार्यवाई आज कर दी है। विदित है कि अतिक्रमणकर्ताओं को अंतिम नोटिस 2/8/2024 को देने के बाद दो दिवस का समय देते हुए निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए पर्याप्त अवसर दिया था। विदित है कि धारा 56 मे सरपंच को किसी भी शासकीय भूमि मे हुए अवैध निर्माण को तोड़ने का अधिकार दिया गया है, यदि अतिक्रमणकर्ता सरपंच को व्यवस्थापन संबंधी अनुरोध करते तो इस पर भी पंचायत विचार कर सकती थी लेकिन ऐसा न करके अतिक्रमणकर्ताओं ने पूर्व सरपंच को भी लपेटे मे ले लिया है क्योंकि सरपंच श्रीमती चन्द्राकर के अनुसार पुराना पंचायत एवं आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 के सामने ये पूरा अतिक्रमण पूर्व सरपंच राजेन्द्र चन्द्राकर के इशारे पर स्वर्ण जयंती स्मारक को तोड़कर करवाया गया है और उस समय पूर्व सरपंच ने किसी भी प्रकार से अतिक्रमणकर्ताओं को नही रोका था और न ही राजस्व न्यायालय मे किसी भी प्रकार की शिकायत की थी इसका मतलब यह है कि पूरा अतिक्रमण उनके नाँक के नीचे हुआ है। सरपंच भामिनी इस मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच के लिए भी मंत्रालय मे आवेदन के बारे मे विचार कर रही है। यदि इस मामले मे जांच शुरू होती है तो पूर्व सरपंच राजेन्द्र चन्द्राकर को ही दोषी माना जायेगा। इस संबंध मे जब पूर्व सरपंच से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो उसने किसी भी प्रकार से जवाब देने से मना कर दिया। स्वर्ण जयंती स्मारक तोड़ने के लिए मिस्त्री तेजराम धीवर को पूर्व सरपंच ने ही मजदूरी दिया था। वास्तविकता जानने के लिए जब मिस्त्री तेजराम धीवर से संपर्क किया गया तो उसने बताया कि पूर्व सरपंच राजेन्द्र चन्द्राकर ने स्वर्ण जयंती स्मारक को तोड़कर अतिक्रमणकर्ताओं के लिए दुकान बनाने के लिए बोला था। सरपंच भामिनी ने बताया कि यदि इस अतिक्रमण को हटाने के लिए यदि ठोस कदम नही उठाउंगी तो पूरा गांव अतिक्रमण की चपेट मे आ जायेगा जिससे पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी। सरपंच भामिनी ने कहावती अंदाज मे बोली कि हाथी तो निकल गया था लेकिन पूँछ फंस गया अब यह पूँछ ही सबकी पूछ करेगी।
