अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला देवरी, वि0ख0 बागबाहरा, जिला महासमुन्द में एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण का आयोजन।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद –शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला देवरी, वि0ख0 बागबाहरा, जिला महासमुन्द में एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण का आयोजन जिला सहकारी संघ मर्या0 महासमुन्द के तत्ववाधान में किया गया। इसमें मुख्य विषय सहकार से समृध्दि एवं सहकारी शिक्षा का रोजगार से संबंध रखा गया। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री डी0एस0टण्डन प्राचार्य, अध्यक्षता श्री के0एस0ठाकुर व्याख्याता के द्वारा किया गया मुख्य अतिथि के रूप में श्री एस0आर0बंजारे, जिला प्रसार प्रसार अधिकारी जिला सहकारी संघ महासमुन्द श्री आंनद राम व्यवहार व्याख्याता, श्रीमती नीलू सोनी व्याख्याता और श्री आशीष दीवान व्याख्याता एवं कौशिक जी, प्रबंधक जिला सहकारी संघ मर्या0 महासमुन्द उपस्थित हुऐ। अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के शैल चित्र के पूजा अर्चना एवं अतिथियों के स्वागत पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

जिला प्रचार प्रसार अधिकारी श्री एस0आर0बंजारे द्वारा सहकार से समृध्दि विषय पर जानकारी देते हुयें सहकारिता की परिभाषा उपस्थित छात्र/छात्राओं, विद्यालय के समस्त कर्मचारियों को बताया। उन्होनें कहा की मिल जुल कर समूह के रूप में किसी खास उद्देश्य की प्राप्ति के लियें जब कोई काम किया जाता है उसे सहकारिता कहते है। उन्होंनें छोटी – छोटी सहकारी समितियों से लेकर बड़ी समितियो के पंजीयन, सदस्यता, संचालन, बैठको का आयोजन, आमसभा, अंकेक्षण, और निरीक्षण संबंधी जानकारी पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रमुख तौर पर मत्स्य पालन सहकारी समिति, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, कुक्कुट पालन, श्रमिक सहकारी समिति, खाद् बीज कीटनाशक औषधि की सहकारी समिति, रसोई गैस, पेट्रोल पंप (खुदरा एवं थोक बिक्री) जेनरिक दवाईयंा, च्वाईस सेन्टर, गोदाम, भण्डारण, सामुहिक कृषि समिति, उपभोक्ता सहकारी समिति, बचत सहकारी समितियां, महिला नागरिक बैंक, नागरिक सहकारी बैंक, आदि का पंजीयन करा कर समितियों एवं दुकानों का संचालन कर सकते है। इससे समितियों के सदस्यों, पदाधिकारियों और सामान्य सदस्यों को रोजगार उपलब्ध हो सकता है। इससें समिति और उनके सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा जिन पंचायत या गांव में इस तरह की समितियां गठित नहीं हुई है, उनमें अगले पांच वर्षो में बहुउद्देशीय, पैक्स, डेयरी, मत्स्य सहकारी समिति, 02 लाख नई समितियां गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी ) समितियों को एल0पी0जी0 के वितरण करने केे लियें नियमों में आवश्यक बदलाव किये जा रहें है। इससें ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नवीन अवसर सृजित होंगें। इसके अतिरिक्त ग्रामीण एवं शहरी सहकारी बैंको के शाखायें खोलने के भी निर्देश दियें है। इस तरह उपरोक्त समितियों के गठन एवं संचालन करने से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे साथ ही उनके आर्थिक स्थिति में भी सुधार होना संभावित है। जिससे सहकारिता के माध्यम से समृध्दि लाई जा सकती है।

सहकारी शि़क्षा का रोजगार से संबंध:- इस विषय पर जानकारी देते हुयंें यह बताया गया की केन्द्र सरकार द्वारा सहकारी शिक्षण, प्रशिक्षण, परामर्श और अनुसंधान एवं विकास के लियें राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की योजना भी तैयार की जा रही है। इससें प्रशिक्षित श्रमबल एवं गुणवत्ता पूर्ण आपूर्ति के साथ साथ मौजूदा कार्मिकों की क्षमता का निर्माण भी करेगा। इस विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण और अध्यापन करने वाले छात्र/छात्राअेां को सहकारी संस्थाअेां और सहकारी बैकों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

जिला प्रचार प्रसार अधिकारी द्वारा 10 वी, 12 वी उत्तीर्ण और स्नातक तक शिक्षा ग्रहण किये हुयें छात्र/छात्राओं को ‘‘ सीपेट ’’ संस्था एवं स्कील डेवलपमेंन्ट में प्रशिक्षण एवं शिक्षा ग्रहण करने के बारे में आवश्यक जानकारियां दी।

मुख्यअतिथि के आसंदी से श्री डी0एस0टण्डन प्राचार्य द्वारा अपने उद्बोधन में यह कहा गया की जिला सहकारी संघ मर्या 0 महासमुन्द के द्वारा हमारे हायर सेकेंडरी स्कुल का प्रशिक्षण हेतु चयन करना अपने आप में गौरव की बात है। हमारे छात्र/छात्राओं को महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर हेतु दिये गये वह बहुत ही सार्थक सिध्द होगी। शिक्षा के क्षेत्र मे कक्षा 10वी से 12 वी तक अध्ययनरत् प्रतिभावान छात्र/छात्राओ को प्रशस्तिपत्र, टिफिन बाक्स, एवं अतिथियों का स्वागत शॉल, और मेमोन्टो देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता , ए0टी0एल टेªनिंग बिलासपुर में प्रतिभागी एवं विजेता छात्र/छात्राओ का भी सम्म्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री एस0एन0घृतलहरे व्याख्याता द्वारा किया गया, उक्त कार्यक्रम में 200 से अधिक छात्र/छात्रायंें मौके पर मौजूद रहें सभी ने अंत में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रशंसा किये इसके पश्चात कार्यक्रम का समापन किया गया ।