विजय मजूमदार
पंखाजर –शासन के शाला प्रोवेश उत्सव, पड़ना बढ़ना आंदोलन जैसे बड़े बड़े योजना और ढिंढोरा तव ढकोसला लगता है जब किसी स्कुल मे आबाश्यक बैठक व्यवस्था न होने के कारण पालक अपने बच्चों को खुद स्कुल जाने से रोकती है, माजरा है ढोड़कट्टा के एकमात्र प्राथमिक स्कुल का जहा स्कुल भवन अति ज़र्ज़ार होने के कारण स्कुल के कभी भी ढह जाने का खतरा हमेशा से मंडराती है और बरसात मे स्कुल के कक्षा मे एक फिट से ज्यादा पानी भारा हुआ रहता है जिससे भवन ढहकर जान जाने का डर और पानी मे डूब जाने का डर दोनों डर एकसाथ हबी होकर स्कूली बच्चों की स्कूली शिक्षा से बिंचत रहने को मज़बूर कर रही है खंड शिक्षा बिभाग को अनेको बार आबेदन दिया गया अनेको बार उनके द्यारा सर्वे किया गया परंतु आज तक की इस्तिथि मे भी जिला स्तर पे ढोड़कट्टा स्कुल के मरमत के प्रकलन भी तैयार नहीं किया गया जो की एक अफ़सोस की बात है शासन जब भी बिकास का दावा करती है क्या तब वे ऐसे मुलभूत कार्य मे कर रहे लापरवाही और अपनी जिम्मेदारी भूल जाती है या अपने शर्म को त्याग कर बिना आइना देखे ही बिकास का ढ़ोल बाजाती है लगता है साशन मे पदस्त और आसीन लोगो को मुलभुत सुबिधायों मे ध्यान देने की ज़रूरत है सत्ता के मस्ती मे मदहोश नेताओं से जनता आग्रह और आशा करते रहेंगे की वे क्षेत्र के अंतिम क्षर के अंतिम ब्यक्ति के मुलभुत सुबिधा को ध्यान मे रखे अपने ईद गिद के लोगो के सुबिधा से ज्यादा आबाश्यक है ज़रूरतमंदो के ज़रूरती मांगो को पूरा करना।
