15 दिनों से चार गांवों में है भालू का मूवमेंट, सावन के साथ ही सिरपुर के लिए शुरू की कांवड़ यात्रा।
प्रमोद दुबे
महासमुंद – सिरपुर व आसपास के गांव में भालू के विचरण से ग्राम वासी भयभीत है। 22 जुलाई से सावन माह शुरू होने के साथ ही सिरपुर में कांवड़ यात्रियों व श्रद्धालुओं का आना बढ़ जाएगा। ऐसे में भालू के आसपास मूवमेंट होने से किसी अनहोनी का अंदेशा बना रहेगा। 19 जुलाई की रात करीब 9.30 बजे जंगली भालू सिरपुर स्थित सर्किट हाउस में घुस आया जिसे भगाने के प्रयास में नाइट ड्यूटी करने वाले देवेंद्र साहू उर्फ़ लकी गिर गया और उसके हाथ पैर में चोट पहुंची है। इसी तरह सिरपुर के पुजारी अमन गिरी गोस्वामी ने बताया कि उक्त भालू गंधेश्वर मंदिर प्रांगण में रात में घूमता रहा और धुनी के पास रखे नारियल खाया है तथा बरगद पेड़ के आसपास लगातार विचरण करता रहा। वन अमला की टीम भालू निकालने में जुटा रहा और उसे सेनकपाट की जंगल की ओर खदेड़ा गया है। बहरहाल सेनकपाट व खड़सा जंगल के आसपास भालू के होने की संभावना है।इधर लंहगर के ग्रामीण राधेलाल सिन्हा ने बताया कि उक्त भालू करीब 15 दिनों से खड़सा सेनकपाट सिरपुर व मोहकम के आसपास विचरण कर रहा है। इस दौरान खड़सा तथा सेनकपाट के कई घरों भालू के धमकने की सूचना है। संध्या होने के बाद भालू आमतौर पर जंगल से निकलकर गांव में पहुंचता है ग्रामीणों का कहना है कि भालू का पसंदीदा भोजन भांकू वन क्षेत्र व गांव के आसपास पर्याप्त मात्रा में है। जिसके लालच में वह इन गांव में पहुंच रहा है। इसी तरह सिरपुर के मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा नारियल भेंट किया जाता है। हो सकता है नारियल की खुशबू से मंदिर व आसपास पहुंचा हो। उल्लेखनीय है कि 22 जुलाई से बम्हनी से सिरपुर तक कांवर यात्रा शुरू होगी हालांकि शुरुआत में तीर्थ यात्रियों की उपस्थिति कम रहेगी लेकिन दूसरे शनिवार से कांवड़ यात्रिओं की संख्या बढ़ेगी। यात्री रात्रि में जंगल मार्ग से ही यात्रा करते हुए सिरपुर पहुंचते हैं। जिसको ध्यान में रखते हुए वन विभाग को सुरक्षा व्यवस्था व गश्ती दल को तैनात रखने की जरूरत होगी। मंदिर में खाद्य पदार्थ मिलने के कारण ही बागबाहरा घूंचापाली के चंडी मंदिर और मुंगई माता में भालुओं की आमद बनी हुई है। दर्शनार्थी भालू देखने के लिए ही संध्या बेला में मंदिर पहुंचते हैं और अपने हाथों से खाद्य पदार्थ भी खिलाते हैं। संबंध में रेंजर सियाराम करमाकर ने बताया कि सिरपुर में भालू पहुंचने की सूचना मिली है और वहां तैनात टाइगर ट्रैकिंग टीम उसे खदेड़ने में लगी रही। कांवर यात्रा का ध्यान है। बीच में तीन हाथी भी क्षेत्र में पहुंच गए थे जो अब बलौदा बाजार जिले में चले गए हैं। इसलिए दिक्कत की कोई बात नहीं है।
