शास. पूर्व. माध्य. शाला. संस्कृत विद्यापीठ राजिम में मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव।
राजिम :- शाला प्रवेश उत्सव में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी ए.के. सारस्वत अध्यक्षता जिला सांख्यिकी अधिकारी श्याम चन्द्राकार विशेष अतिथि विकासखण्ड स्रोत समन्वयक सुभाष शर्मा और संकुल समन्वयक धर्मेन्द्र ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिकारीयों द्वारा सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत विद्यापीठ के आचार्यों एवं शिक्षकों ने किया। छात्रों ने भी उत्साह पूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए सरस्वती वंदना प्रेमदत्त तिवारी, स्वागत गीत में भूपेंद्र मिश्रा, सुभम होता, राहुल तिवारी और वेदपाठ में कुश एवं सोमकांत ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने अपने वक्तव्य में बच्चों को बधाई देते हुए संस्कृत भाषा की पठन पाठन की व्यवस्थाओं देखते हुए आश्रम संचालक संस्था, शिक्षक एवं प्रबंधन की भूरि भूरि प्रसंशा की। जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाल्यावस्था से ही भारतीय संस्कृति को सीखना और समाज तक आगे ले जाने का दायित्व इन बटुकों के ऊपर हैं। सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर ने उद्बोधन में विद्यापीठ की शिक्षा को भौतिकता से आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने की प्रेरणा बताया जो यहाँ के विद्यार्थी समाज को दे रहे हैं। बीआरसीसी सुभाष शर्मा ने त्रिवेणी संगम पर नदी के किनारे स्थित विद्यापीठ के इतने सुखद वातावरण में बटुकों के आध्यात्मिक उन्नति को अनुकरणीय बताया। समन्वयक धर्मेन्द्र ठाकुर ने नवीन सत्र के प्रवेश उत्सव पर बटुकों को शुभकामनाएं प्रेषित किया। अंत मे जिला शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया कि विद्यापीठ की समस्याओं का निराकरण करने का भरपूर प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक उमाकांत साहू ने किया अंत में आभार प्रदर्शन प्रधान पाठिका श्रीमती भारती साहू ने किया। इस कार्यक्रम में शाला के शिक्षिका श्रीमती कंचन शर्मा, चूड़ामणि पाण्डेय बालक शाला राजिम से डोमन सोनकर कन्या राजिम से सुरेश कण्डरा, आश्रम के प्रबंधक नूतन तिवारी उपस्थित रहे।
