बागबाहरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद उल जुहा का पर्व।

ईद उल जुहा पर अता की गई विशेष नमाज।  

प्रमोद दुबे 

 बागबाहरा – ईद उल जुहा या बकरी ईद मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार है। रमजान ईद के पवित्र महीने के बाद ईद उल जुहा मनाया जाता है। ईद उल जुहा का त्यौहार यह दुनियाभर के मुसलमानों के लिए बेहद अहम है। नगर में स्थित नवागांव के ईद भाठा में सोमवार को सुबह 8 बजे ईद उल जुहा की नमाज अदा की गई। ईद उल जुहा त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। एक दूसरे का मुबारक दी गई। ईद उल जुहा की नमाज मौलना ईरफानुलहक द्वारा अदा करवाई गई। ईद के मुबारक मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों एक दूसरे को गले मिलकर मुबाकर बाद दी। ईद के दिन परिवार वाले दोस्त एक जगह एकत्रित होकर एक दूसरे को बधाई देते हैं। बकरी ईद कुरबानी से जुड़ी त्योहार है। और यह अल्लाह के प्रति समपर्ण है। यह त्योहर खुशियां बांटने और गरीबों और बेसहरा लोगों की मदद करने का भी होता है। ईद उल जुहा बकरी ईद को कहा जाता है। मीठी ईद यानी इदुल फितर के 70 दिनों के बाद बकरी ईद का त्यौहार मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा मनाया जाता है। ईद उल जुहा मुस्लिम समाज का आखिरी 12 महीना होता है। इस दिन सबसे पहले ईदगाह में नमाज अदा की जाती है। पश्चात अपने अपने घरों में जानवारों की कुरबानी दी जाती है। ईद के दिन सभी बच्चे बूढ़े नए कपड़े पहनकर एक दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी। मौलाना ईरफानुलहक द्वारा ईद कि विशेष नमाज अदा करवाई गई तथा खुदा अमन चैन की दुआ मांगी गई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के सदर व नगर सहित ग्रामीण लोग उपश्थित थे। ईद उल जुहा ये दुनियाभर में मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है। इसे बकरी ईद के नाम से भी जाना जाता है।

पूर्व नपा उपाध्यक्ष त्रिभुवन पहुंचे ईदगाह, मुस्लिम जमात की मुलाकात।

पूर्व नपा उपाध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिभुवन महिलांग ने सोमवार को बकरीद पर्व के मौके पर एकता चौक स्थित ईदगाह मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने बकरीद की नमाज अता करने उपस्थित हुए मुस्लिम जमात के लोगों से मुलाकात की और गले मिलकर उन्हें बकरीद पर्व की बधाई दी। मुस्लिम जमात ने महिलांग का इस्तकबाल किया और उन्हें भी पर्व की बधाई दी। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम जमात के लोग मौजूद रहें।