प्रमोद दुबे
महासमुंद – कांग्रेस की पराजय की नैतिक जिम्मेदारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष को लेते हुए तत्काल अपना त्यागपत्र देना चाहिए। उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति में आदिवासी कांग्रेस छग के प्रेदश सचिव खेमराज ध्रुव, किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव लोकेश चंदन साहू ने कही है। उन्होंने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में जिले में कांग्रेस को मिली करारी हार का ठिकरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. रश्मि चंद्राकर पर फोड़ते हुए कहा है कि उनकी नेतृत्व क्षमता की कमी के कारण तथा संगठन को चलाने में उनकी रूचि नही होने के कारण यह दिन कांग्रेस को देखना पड़ा है। वर्तमान लोकसभा चुनाव में महासमुंद जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा है। जिला संगठन में तालमेल की कमी व वरिष्ठ और जमीनी कार्यकर्ताओं को महत्व नही दिए जाने से पार्टी को नुकसान पहुंचा है। पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा जिला संगठन को एकजुट करने में रूची नहीं लेना तथा उनमें ईच्छा शक्ति की कमी के कारण तथा विधान सभा चुनाव में उन्हें मिली हार से वे उबर नहीं पाई हैं। जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में हताशा व निराशा का माहौल रहा। परिणाम स्वरूप मजबूत प्रत्याशी मिलने के बाद भी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में महासमुंद जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा। जिलाध्यक्ष के गृहग्राम बेमचा में भी कांग्रेस बुरी तरह पिछड़ गई। पूरे महासमुंद विधान सभा क्षेत्र में काँग्रेस को लगभग 22 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
