आमरण अनशन प्रारंभ करने के बाद किसान को मिली ऋण पुस्तिका।

जमीन खरीदी के बाद पांच महीने तक पटवारी पर ऋण पुस्तिका के लिए रुपए मांगने का आरोप, सेवामुक्त करने की मांग।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – ऋण पुस्तिका न मिलने, पैसे की मांग करने वाले पटवारी को सेवा मुक्त करने की मांग को लेकर बिरकोनी का एक किसान आमरण अनशन पर बैठ गया। सूचना पर प्रभारी तहसीलदार मौके पहुंचे और किसान को मनाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माना। अंततः जब किसान को ऋण पुस्तिका मिली तब जाकर उसने आमरण अनशन समाप्त किया। बता दें कि राजस्व विभाग में आम जनता को छोटे-बड़े कामों के लिए कई चक्कर लगाना पड़ता है। हर बार आवेदकों और पीडितों को तारीख पर तारीख दी जाती है, बावजूद उनका काम

निर्धारित समय पर नहीं हो पाता और उन्हें विभाग और प्रशासन के खिलाफ धरना- प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला विरकोनी का सामने आया है। बिरकोनी निवासी किसान शत्रुघन लाल साहू ने 30 जनवरी 2023 को बिरकोनी में ही 0.43 हेक्टेयर कृषि भूमि अपनी बेटी कु. मीनाक्षी साहू के नाम खरीदी और रजिस्ट्री कराई। रजिस्ट्री के बाद विभाग के कई चक्कर लगाने के बाद भी उसे ऋण पुस्तिका उपलब्ध नहीं कराई गई जिससे परेशान होकर किसान शत्रुघन ने विगत 5 जून को कलेक्टर सहित अन्य उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देकर 9 जून से आमरण अनशन की चेतावनी दी, बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई न होता देख किसान अपने घर के सामने आमरण- अनशन पर बैठ गया।

आरोप-पटवारी ने की पैसे की मांग

किसान शत्रुघन ने बताया कि कृषि भूमि खरीदने के बाद ऋण पुस्तिका के लिए पटवारी के कई चक्कर लगाए, पहले तो पटवारी आश्वासन देता रहा कि जल्द ही ऋण पुस्तिका दे देगा। शत्रुघन ने आरोप लगाया कि पटवारी ने ऋण पुस्तिका के बदले उनसे पैसे की मांग की जिसे वह देने के लिए मना कर दिया तब से लेकर अब तक वह ऋण पुस्तिका के लिए भटक रहा है। किसान ने बताया कि अब खेती का समय नजदीक है ऐसे में बैंक वाले केसीसी देने से मना कर रहे हैं, खाद-बीज नहीं मिल रहा है साथ ही खरीफ फसल धान बेचने के लिए पंजीयन भी नहीं हो पा रहा है। ऋण पुस्तिका की मांग पर आमरण अनशन पर बैठे किसान को ऋण पुस्तिका देकर उनका अनशन खत्म करा दिया है। किसान का आरोप है ऋण पुस्तिका देने के बदले पटवारी ने पैसे की मांग की थी, आरोप जांच में सही पाये जाने पर पटवारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। – श्रीधर पंडा, प्रभारी तहसीलदार, महासमुंद

आमर पटवारी व तहसीलदार पर कार्यवाई की मांग

पांच महीने से ऋण पुस्तिका न मिलने से नाराज किसान ने अपने घर के सामने रविवार सुबह से आमरण अनशन शुरू किया। जैसे ही यह खबर प्रशासन को मिली, प्रभारी तहसीलदार श्रीधर पंडा, नायब तहसीलदार, आरआई मौके पर पहुंचे और किसान को मनाने की कोशिश की, पर किसान नहीं माना। बाद प्रभारी तहसीलदार ने ऋण पुस्तिका किसान को दी। ऋण पुस्तिका मिलने के बाद किसान ने ऋण पुस्तिका के बदले पैसे की मांग करने वाले पटवारी को सेवामुक्त करने की मांग पर अड़ गया। जिस पर तहसीलदार ने लिखित आश्वासन देकर जांच के बाद उचित कार्रवाई की बात कही।