निजी स्वार्थ के लिए कांटे गए पेड़, पम्प संचालक जगदीश टावरी ने कहा ली है अनुमति।
महासमुंद – एक ओर पर्यावरण सरंक्षण के लिए शासन पौधारोपण के लिए जनता से अपील कर रहा है और वहीं दूसरी ओर निजी स्वार्थ के लिए हरे-भरे पेड़ो की कटाई की जा रही है। मामला है एनएच 353 में ग्राम बेलसोंडा तालाब के पास जहां एचपीसीएल पेट्रोल पंप का निर्माण करने के लिए पंप संचालक ने करीब 4-5 हरे भरे पेड़ो की कटाई कर दी। संचालक का दावा है कि जिन पेड़ो की कटाई की गई है उसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई है जबकि प्रशासनिक अफसर जानकारी का अभाव बता जांच करने की बात कह रहें है।इधर, पेड़ों की कटाई करने की जानकारी ग्राम पंचायत को भी नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि शनिवार रविवार शासकीय अवकाश देखकर पम्प संचालक ने आधी रात पेड़ों की कटाई कराई होगी।
सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यालय से ग्राम बेलसोंडा की दूरी महज 5-6 किमी है। इस रास्ते से प्रतिदिन जिला प्रशासन के अफसरों के साथ नेताओं का आना-जाना होता है। बावजूद इसके प्रशासनिक अफसरों और नेताओं को पेड़ो की पूर्व में कटाई करने के लिए संचालक द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी न होना समझ से परे है। खास बात यह है कि पर्यावरण सरंक्षण को ध्यान में रखते हुए शासन ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दिया है और कटाई के लिए अनुमति अनिवार्य कर दिया है। इसमें पेड़ शासकीय भूमि या फिर निजी भूमि पर ही क्यों न हो बिना अनुमति के काटना नियमानुसार गलत है।
विवादित रहें है पटवारी थवाईत !
एनएच 353 पर जहां हरा भरा पेड़ काटा गया है, वह बेलसौंडा पटवारी क्षेत्र में आता है। अभी यहां राकेश थवाईत पटवारी हैं। ग्राम खैरा में पटवारी को हटाने के लिए ग्रामीणों ने मोर्चा खोला था। बेलसोंडा के लोगो का कहना है कि शनिवार, रविवार या शासकीय अवकाश के दिन ये अपना फोन बंद कर देते हैं। हल्का शाम पांच बजे के बाद हल्का मुख्यालय में नहीं रहते। इनके भाई कांग्रेस से जुड़े हुए है, जिसके चलते ग्रामीणों की बात की अनदेखी करते रहे हैं। इधर, हल्का पटवारी राकेश थवाईत का कहना है कि पेड़ो की कटाई के सम्बंध में उन्हें भी किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं है। इसके लिए प्रशासन की ओर दल गठित किया गया है।
मानव श्रृंखला बनाकर लगाए गए थे पेड़
बताया जाता है कि खरोरा से नदीमोड़ तक सैकड़ो की संख्या में पेड़ो को अविभाजित मध्यप्रदेश शासनकाल में साल 1996 में विशाल मानव श्रृंखला बनाकर लगाए गए थे। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हवाई सफर कर मानव श्रृंखला के उक्त कार्य की सराहना की थी। तब अविभाजित रायपुर जिला के विद्यार्थी मानव श्रृंखला में शामिल थे। बताया जाता है कि नदी मोड़ से सरायपाली और टेमरी नाला तक श्रृंखला बनाकर पौधरोपण किया गया था। यही पौधे इन वर्षों में वृक्ष का रूप ले चुके थे और पथिको को छाया देते थे। बताया गया है कि यहां 10 नग इमारती पेड़ था, जिसमें से ज्यादातर पेड़ काट दिए गए हैं। यह पेड़ पर्यावरणीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था। ग्रामीणों ने कहा कि वन अधिनियम के अनुसार वृक्षों की कटाई नहीं की जा सकती।
पंचायत से न प्रस्ताव न सूचना
इस मामले में ग्राम पंचायत बेलसोडा के सरपंच भामिनी पोखन चंद्राकर का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के मुख्य मार्ग में लगे पेड़ो की कटाई की जानकारी उन्हें भी आज मीडिया के माध्यम से मिली है। इसके लिए भूमिस्वामी द्वारा पंचायत को न वे किसी प्रकार की सूचना दी गई है और न ही पंचायत से इसके लिए किसी तरह से कोई प्रस्ताव पास किया गया है। उनका कहना है कि पंचायत क्षेत्र में लगे पेड़ो की कटाई के लिए भूमिस्वामी को नियमानुसार पंचायत को सूचना देकर प्रस्ताव पारित कराकर ही कार्रवाई की जानी थी। श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि प्रशासन द्वारा एनएच 353 मार्ग के चौड़ीकरण के लिए जितने पेड़ों को चिन्हांकित किया गया और बकायदा पंचायत को सूचना दी गई। बाद पंचायत से पेड़ो की कटाई की बजाए स्थानांतरित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया और प्रशासन व वन विभाग ने अधिकांश पेड़ो को स्थांतरण करने की कार्ययोजना बनाई गई। पर इस मामले में भूमिस्वामी द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया गया है जो नियमता गलत है। मामले पंचायत की ओर से भी लिखित शिकायत की जाएगी।
हटाना आवश्यक ही था तो शिफ्टिंग कराना था
एनएच के किनारे लगे वर्षों पुराने पेड़ पथिको को हरियाली देते हैं। इनसे मार्ग की गर्मी कम रहती है। यह पेड़ प्रकृति प्रेमियों, प्रकृति चिंतकों ने लगाया है। अनुमति देने वालो ने नहीं। यदि व्यावसायिक स्व उपयोग लिए पेड़ हटाना आवश्यक ही था तो इसको स्थानांतरित कराया जा सकता था। हराभरा पेड़ काटना जीव हत्या के समान है। इसपर प्रशासनको कड़ी कार्रवाई की जानी वाहिए।
– डा विश्वनाथ पाणिप्ताही, अध्यक्ष ग्रीन केयर सोसायटी
अनुमति के बाद कांटे गए है पेड़
एचपीसीएल का पम्प मुझे मिला है। पम्प बनाने के लिए कलेक्टर से लेकर पंचायत, एनएचतक 16 एनओसी लिया हूँ। एनएच को छहलाख भरकर एनओसी लिया है। चार पेड़ काटने की अनुमति मिली थी। एक पेड़ अतिरिक्त कटा है। पम्प के पीछे में 20 पेड़ लगा रहा हूँ। पटवारी, रेंजर सबसे बात कर लिया है। मैं नियमतः कार्य कर रहा हूँ।
जगदीशटावरी,संचालक निमार्णाधीन पेट्रोल पम्प
पटवारी से जांच प्रतिवेदन मांगा गया है
पेड़ो की कटाई की जानकारी मिली है। सम्बंधित हल्का पटवारी को मौके जांव के लिए आदेशित किया गया है। जांच प्रतिवेदन से पता चलेगा कि अनुमति है या नहीं।
– उमेश कुमार साहू, एसडीएम महासमुंद
