जिले के कोविड सेंटर में भर्ती मरीजो को बासी व अधपके भोजन देकर मरीजो के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ कर रहे है जिम्मेदार विभाग* *कोरोना संक्रमित मरीजों को परोसा जा रहा है बासी व खराब भोजन भूखे पेट सोने को मजबूर है मरीज*

*जिले के कोविड सेंटर में भर्ती मरीजो को बासी व अधपके भोजन देकर मरीजो के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ कर रहे है जिम्मेदार विभाग*

*कोरोना संक्रमित मरीजों को परोसा जा रहा है बासी व खराब भोजन भूखे पेट सोने को मजबूर है मरीज*

संवाददाता अनीश सोलंकी

मैनपुर:-गरियाबंद कोविड आईसोलेशन सेंटर में बडी लापरवाही सामने आई है, कोविड सेंटर में कोरोना संक्रमित मरीजों को गंदा खाना और बासी भोजन परोसे जाने का मामला सामने आया है,मरीजों के द्वारा गंदा भोजन का विडियो बनाकर सोसल मीडिया में पोस्ट करने के बाद जिला प्रशासन में हडकम्प मच गया है,अब आनन फानन में सीएमएचओ जिम्मेदारो पर कार्यवाही की बात करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड रहा है…बता दें कि गरियाबंद जिला में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और आये दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है,प्रशासन ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ सुविधा मुहैय्या कराने के लिए जिले में आईसोलेशन वार्ड बनाये है जहां मरीजों को बासी भोजन गंदा खाना परोसा जा रहा है जिसका एक विडियो इन दिनों सोसल मीडिया में खुब वायरल हो रही है,आईसोलेशन सेंटर में मरीजों को न तो मीनू के आधार पर भोजन नही दिया जा रहा है न ही सही समय पर उन्हें खाना, मरीजों को अधपका बासी भोजन खिलाया जा रहा है जिससे उनकी स्वास्थ और भी ज्यादा बिगड सकती है,वहीं इस मामले में जिला के स्वास्थ अधिकारी ने इस पुरे मामले पर अपना पल्ला झाडते हुए वेंडर के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कह रहा है। सोमवार को मरिजो दिए गए भोजन में चावल के पैकेट में कीड़े निकले। वा आधा पका चावल परोस रहे साथ ही दाल भी काफी पतली थी। मरीज डस्टबिन में भोजन को डालकर भूखे पेट सोने को विवश हुए।कोरोना संक्रमितों को स्वस्थ रखने के लिए उनके खानपान पर विशेष ध्यान देने का परामर्श चिकित्सक देते हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को प्रोटीन व बिटामिन युक्त भोजन देने की सलाह उनके परिवार के लोगों को दी जाती है।संस्थागत आइसोलेशन के मरीजों को नाश्ता व भोजन देने के लिए शासन की ओर से बजट मुहैया कराया जाता है। राज्य सरकार की ओर से एक संक्रमित व्यक्ति के सुबह के नाश्ते व दोनों वक्त के भोजन पर सौ रुपये खर्च करना अनुमन्य है। यह राशि जननी सुरक्षा योजना के लिए किए जाने वाले भुगतान के बराबर तय है। परंतु वेंडर के द्वारा मरीजों को सही तरीके से मीनू के आधार पर भोजन वा नाश्ता नहीं दिए जा रहे हैं।जिससे साफ झलकता है कि गरियाबंद जिला में शासन द्वारा जारी राशि संबंधी कार्यो सिर्फ कमीशन ही तय होता वैश्विक महामारी भी इन कमीशन खोर अधिकारीयों के कमीशन का जरिया बनी हुई हैं और अपने चाहते को आईसोलेशन सेंटर में भोजन का टेंडर दे दिया हैं जिससे आज मानवता भी शर्मसार हुई हैं।बता दे कि सेंटर में सुबह नाश्ता के वक्त केवल चाय और बिस्किट ही दिया जाता है जबकि मरीजों को सुबह नाश्ता के बाद हेवी डोज की दवाई लेनी होती हैं जो कि बिस्किट लेकर ही दवा को लेना उचित नहीं है,इसमें घोर लापरवाही बरती जाती है। पोषण युक्त भोजन के बजाय मरीजों को दूषित खाना परोसा जा रहा है।मरीजों की ओर से अस्पताल के डस्टबिन में भोजन फेंका जाने की की वीडियो में दर्शाया गया है।

*क्या कहता हैं जिम्मेदार*

वही इस पूरे मामले को लेकर CMHO एन .आर .नवरत्नने ने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल किया गया वीडियो संज्ञान में आया है। इसके बाद भोजन आपूर्ति करने वाले ठेकेदार को जम कर फटकार लागते हुए सोकर नोटिस जारी करते हुए वेंडर को उक्त दिवस की राशि उक्त दिवस की राशि नहीं देने के आदेश की हैं साथी इस महीने की उक्त राशि की 10% राशि को काटकर इस महीने की भुगतान किए जाएगी की जाएगी यदि वेंडर इस पूरे यदि वेंडर के दोबारा दोबारा दोबारा इस तरह की गलती करने पर उसकी वेंडर समाप्त कर दी जाएगी इस तरह से आदेश भी जारी किये है और इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण व पोषण युक्त भोजन आपूर्ति करने के निर्देश भी दिए गए हैं।