हमेशा रहती है थकान तो शरीर में हो सकती है यह बीमारी के लक्षण।


अक्सर लोग रोजमर्रा की बिजी लाइफ को अपनी थकान का कारण मानते हैं। आजकल की लाइफस्टाइल में लोगों को खुद के लिए समय नहीं मिल पा रहा है और व्यस्तता के चलते थकान बनी रहती है लेकिन हमेशा थकान महसूस करने की वजह कुछ गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। थकान से बचने के लिए अपने रूटिन में बदलाव करें। पूरी नींद लें, अपनी सोशल एक्टिविटीज को थोड़ा कम करें और अपने लिए भी समय निकालें। साबुत अनाज ज्यादा खायें, ज्यादा से ज्यादा पानी पियें, कैफीन और अल्कोहल से दूर रहें। अगर इसके बाद भी आप थकान महसूस करते हैं तो आपको डॉक्टर से मिलने की जरूरत है। हमेशा थकान बने रहने की प्रॉब्लम को बिलकुल इग्नोर नहीं करना चाहिए।

एनीमिया

एनीमिया यानि आम बोलचाल की भाषा में जिसे खून की कमी कहते हैं, हमेशा थकान लगने का एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है। खून में लाल रक्त कणों यानी रेड ब्लड सेल्स की कमी आपके शरीर को थकाती है, दरअसल इन ब्लड सेल्स का काम आपके फेफड़ों से आक्सीजन लेकर को शिकाओं तक पहुंचाना है। इनकी कमी से आपको जल्द थकावट और हांफने की प्रॉब्लम हो सकती है। एनीमिया होने के भी कई कारण हैं।शरीर में विटामिन और आयरन की कमी, किसी भी कारण से शरीर में खून कम होना, आंतरिक रिसाव या फिर कोई गंभीर बीमारी जैसे गठिया,कैंसर या फिर किडनी फेलियर। गर्भवती महिलाओंमें अक्सर रक्ताल्पता यानि एनीमिया की समस्या देखी जाती है।

थाइरॉयड की बीमारी

थाइरॉयड की बीमारी थकान का एक बड़ा कारण है। जब आपके थाइरॉयड हॉरमोन्स का बैलेंस. बिगड़ जाता है तो फिर आप थोड़े से काम में ही थकने लगते हैं। थाइरॉयड ग्लैंड गले के सामने के हिस्से में मौजूद होता है जो शरीर के मेटाबालिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन्स रिलीज करता है। अगर ये हॉर्मोन्स ज्यादा रिलीज होते हैं तो मेटाबालिज्म की स्पीड  बढ़ जाती है इस को हायपर थाइरॉयडिज्म कहते हैं। हॉर्मोन्स कम रिलीज होने पर मेटाबालिज्म की स्पीड कम हो जाती है जिसे हायपोथाइरॉयडिज्म कहा जाता है।

डायबिटीज

हर साल दस लाख से ज्यादा लोगों में टाइप -2 डायबिटीज डायग्नोज हो रही है लेकिन इससे भी कहीं बड़ी संख्या उन लोगों की है जिन्हें ये बीमारी है और उन्हें पता भी नहीं है। शरीर की मशीन को चलाने के लिये ग्लूकोज या जिसे आम भाषा में शुगर कहा जाता है, ईंधन का काम करती है। टाईप -2 डायबिटीज के मरीज अपने शरीर में बन रहे ग्लूकोज का पूरा उपयोग नहीं कर पाते हैं जिससे ये खून में घुलकर थकान पैदा करता है। ज्यादा थकान होना डायबिटीज होने के खतरे की घंटी भी हो सकता है। डिप्रेशन आजकल की जिंदगी में डिप्रेशन किसी को भी हो सकता है और ये थकान का एक बहुत बड़ा कारण है। डिप्रेशन महज निराशा या अवसाद की स्थिति नहीं है बल्कि ये एक बीमारी है जिससे दुनिया के कई जाने माने लोग पीड़ित हो चुके हैं। डिप्रेशन के कारण मरीज की भूख, प्यास, नींद पर असर पड़ता है और ये लक्षण कई दिनों बल्कि सालों तक बने रह सकते हैं।

आर्थराइटिस या गठिया वात

आर्थराईटिस की बीमारी कई बार शुरुआती दौर में डायग्नोज नहीं हो पाती लेकिन शरीर में थकान खासतौर पर जोड़ों में दर्द का कारण आर्थराईटिस हो सकता है। शरीर के हैल्दी टिशूज पर आर्थराइटिस का अटैक हड्डियों और कोशिकाओं को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

स्लीप एप्निया

अगर आप सुबह उठकर फ्रेश महसूस नहीं करते बल्कि ज्यादा देर सोने के बावजूद थकान महसूस करते हैं तो आपको स्लीप एप्निया की प्रॉब्लम हो सकती है। स्लीप एप्निया वो बीमारी है जिसमें नींद के दौरान कुछ पलों के लिये आपकी सांस रुक जाती है। स्लीप एप्निया की गंभीर स्थिति में एक रात में एक दर्जन या फिर सैकड़ों बार भी आपकी सांस थोड़ी देर के लिये रुक सकती है। जिसके कारण आप घबरा कर उठ जाते हैं और फिर सांस लेना शुरु करते हैं। खर्राटे लेने वालों के लिये स्लीप एपनिया की समस्या गंभीर नही ।