कोरोना को हराकर स्वस्थ हुवे मुकुंद ने किया प्लाज्मा डोनेट
कोरोना संक्रमित वृध्द के लिए किया प्लाज्मा डोनेट
राज्य में प्लाज्मा डोनेशन का संभवत दूसरा मामला
नवापारा राजिम-नर सेवा नारायण सेवा साथ ही अगर मन में हौसला और आत्मविश्वास हो तो इंसान क्या नहीं कर सकता इस वाक्य को चरितार्थ कर रहे हैं गोबरा नवापारा के युवा मुकुंद मेश्राम। मुकुंद राज्य के उन लोगों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने अपना प्लाज्मा कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए डोनेट किया है नगर के वार्ड क्रमांक 21 शीतला पारा में रहने वाले मुकुंद वर्तमान में राजनीति से जुड़े हुवे है व युवाओं में उनकी खासी पकड़ है। उन्होंने अपना प्लाज्मा दो 70 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीजो के लिए डोनेट कर युवाओं के सामने मिसाल पेश की है मुकुंद कुछ माह पूर्व कोरोना से संक्रमित हुए थे बालाजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की सलाह मार्गदर्शन ने उन्हें प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जब पता चला कि उनके ब्लड के अंदर मौजूद प्लाज्मा से संक्रमित मरीजो को ठीक करने में कारगर सिद्ध हो सकता है तो इसके लिए वे स्वयं बढ़कर आगे आये और रायपुर स्थित बालाजी हॉस्पिटल में 70 वर्षीय वृद्ध श्री अनिल त्रिपाठी एवम श्री मुरारी प्रसाद बघेल को अपना प्लाज्मा डोनेट किया। बालाजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक मुकुंद राज्य के दूसरे सफल प्लाज्मा डोनेट करने वाले व्यक्ति बन गए हैं
अंत मे प्लाज्मा डोनर मुकुंद मेश्राम को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर हॉस्पिटल प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित किया गया।
क्या है प्लाजमा थेरेपी -प्लाजमा थेरेपी के संबंध में गोबरा नवापारा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आर एम ओ श्री लोकेश पारकर ने बताया कि इस प्रक्रिया में खून के प्लाज्मा को अलग कर मरीज को प्लाज्मा दिया जाता है ।इसका प्रयोग कर कई बीमारियों में हो चुका है कोरोनावायरस से जान बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किया जा रहा है कोरोना संक्रमित व्यक्ति के स्वस्थ हो जाने के बाद उसके शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है । प्लाजमा थेरेपी की मदद से कोरोनावायरस से संक्रमण से ठीक हो चुके व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी की सहायता से गंभीर मरीज के रक्त में मौजूद वायरस को समाप्त किया जा सकता है।
