हत्याकांड में और भी लोग हो सकते है शामिल।
प्रमोद दुबे
महासमुंद :- नांदगांव हत्याकांड के मामले में ग्रामीणों ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। गुरूवार को करीब डेढ़ सौ के आसपास महिला पुरूष सिटी कोतवाली पहुंचे और संदेह जताया कि इस हत्याकांड में केवल एक आरोपी नही बल्कि अन्य आरोपी भी शामिल होंगे। एक व्यक्ति द्वारा हत्या करने के बाद लाश को दूसरे स्थान पर ठिकाने नही लगाया जा सकता। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया गया था कि विवाद के बाद शराब के नशे में गांव के ही प्रेम जांगड़े ने नांदगांव निवासी तथा भगवती राईस मिल में काम करने वाले मजदूर पूनम पटेल की ब्लैड नुमा कटर से गला काटकर हत्या कर दी थी तथा लाश को एक सूखे तालाब के बेशरम झाड़ियों में फेंक दिया था।
सिटी कोतवाली पटेल समाज के सदस्यों व ग्रामीणों से सवाल उठाया कि मृतक की लाश नग्न अवस्था मिली व गुप्तांग के पास भी प्रहार है साथ ही यह तथ्य समझ से परे है कि जब शराब पीने कोई व्यक्ति बैठेगा तो वह ब्लैड नुमा कटर लेकर नही आएगा। इससे यह संदेह होता है कि आरोपी युवक मारने के इरादे से अपने साथ किसी रंजिश के चलते हथियार लेकर पहुंचा था। और शराब पीने के बहाने हत्या को अंजाम दिया है। इसलिए कारणों का खुलासा होना चाहिए। ग्रामीणों को संदेह है कि इस वारदात में एक नही बल्कि और भी लोग शामिल हो सकते है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उल्लेखनीय है कि नांदगांव निवासी भगवती राईस मिल में काम करने वाले पूनम पटेल 18 मार्च की शाम पांच बजे राईस मिल से 5 सौ रुपए एडवांस लेकर निकला था। लेकिन घर नहीं पहुंचा। उसके पिता सुरेश पटेल जो स्वयं भगवती राईस मिल में मजदूर है के द्वारा खोजबीन की गई। किंतु युवक नहीं मिला दूसरे दिन 19 मार्च को अपने बेटे को खोजने जा रहा था तभी सुबह 7 बजे के आसपास फतौव्वा तालाब के पास लोगों की भीड़ थी और नग्न चित अवस्था में उसका बेटा मृत पड़ा था।
