24 वर्ष के मयंक ने वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक के साथ की वापसी।

खोंगापानी के अनुराग ने भी जीता 1 कांस्य पदक।

पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 3 स्वर्ण के साथ-साथ 1 कांस्य पदक प्राप्त कर जिले एवं संभग का नाम किया रोशन।

सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी :- मनेंद्रगढ़ निवासी मयंक सिंह ने 3 स्वर्ण के साथ-साथ 1 कांस्य पदक जीत कर जिले एवं संभग का नाम रोशन किया है।आपको बता दें कि मयंक सिंह, पिता महेंद्र प्रताप सिंह, माता श्रीमती अंजलि सिंह, ने 2024 में वापसी करते हुए 3 स्वर्ण पदक के साथ 1 कांस्य पदक पर भी अपना कब्ज़ा जमाया है। मयंक ने ये पदक दुर्ग में अयोजित पावरलिफ्टिंग इंडिया (पी.आई.) – इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग फेडरेशन (आई.पी.एफ.) के अधीन छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के द्वारा अयोजित पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जीते हैं और जिले को राज्य पॉवरलिफ्टिंग में एक नई पहचान दिलाई। मयंक ने 59 किलो वर्ग में 57.7 किलो बॉडीवेट के साथ, 200 किलो की डेडलिफ्ट, 140 किलो की स्क्वाट और 95 किलो की बेंच प्रेस लगा कर अपने नाम जीत दर्ज कराई।

मयंक ने अभी तक 8 माह में 14 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक अर्जित कर अपने कठिन अनुशासन और काम की नैतिकता का परिचय दिया है। मयंक सिर्फ 24 साल की उम्र में पॉवरलिफ्टिंग खेल मे नई ऊंचाइयां अर्जित करते जा रहे हैं और एक दिन देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर स्वर्ण पदक जितने की पूरी मेहनत पर लगे हुए हैं।मयंक ने बताया के 2 महीने पूर्व से वो बीमार भी चल रहे थे फिर भी उन्हें अपनी ट्रेनिंग नहीं बंद करी और प्रैक्टिस में लगे रहे, वो और बेहतर प्रदर्शन की चाह रखते हैं और नेशनल रिकॉर्ड बनने की चाह रखते हुए हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं ताकि वो अपने जिले, राज्य और देश की तरक्की की राह पर अपना सहयोग कर सकें। वहीं मयंक अपने साथ-साथ और बच्चों को भी पॉवरलिफ्टिंग के लिए तैयार कर रहे हैं ,जिनके साथ खोंगपानी के अनुराग ने भी सब जूनियर 83 किग्रा वर्ग में 1 कांस्य पदक जीत कर अपने गुरु, माता पिता और जिले को गौरवान्वित किया, अनुराग महज़ 16 साल के हैं और 9वीं क्लास में पढ़ते हैं।

मयंक आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन कर, अपने साथ-साथ हर एक बच्चे को प्रेरित कर हर एक खेल में आगे बढ़ने को सहायता करते रहेंगे। मयंक ने समाज को एक संदेश दिया है कि अपनी इच्छा शक्ति और दृढ़ संकल्प से आप दुनिया में कोई भी उच्चाई प्राप्त कर सकते हैं और हमेंशा भगवान पर भरोसा रखें, अपने माता पिता का आशीर्वाद लें। मयंक सिंह वीर बजरंगबली और श्री श्याम बाबा के बड़े भक्त हैं।