पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार धान की राशि जल्द दिलाने की गई मांग।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद :- प्राथमिक साख समिति जाड़ामुड़ा पंजीयन क्रमाक 879 (बसना महासमुंद) के किसानों द्वारा बेचे गये धान के पैसे धान उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबंधक और आपरेटर के द्वारा फर्जीवाड़ा कर गबन किये जाने, फर्जी रकबा बढ़ाकर शासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने एवं पीड़ित किसानों के धान की राशि दिलवाने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर पटवारी कार्यालय के सामने महासमुन्द में शिवसेना के द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया। धरना स्थल पर महासमुन्द विधायक राजू सिन्हा ने उपस्थित होकर किसानों की मांगों का समर्थन किया। बता दें कि किसानों की जमीन पर फर्जी तरीके से रकबा बढ़ाकर किसानों के खाते राशि ट्रांसफर होने का मामला सामने आया है। 19 किसानों का फर्जी तरीके से रकबा बढ़ाकर किसानों के पट्टे में धान बेचकर राशि आहरण की गई है। रिपोर्ट के आधार पर बसना पुलिस ने समिति प्रबंधक उमेश भोई सहित दो कम्प्यूटर आपरेटर और एक किसान के विरुद्ध अपराध की धारा 420,34 के तहत् मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। लगभग एक माह हो गया आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर फरार बताये जा रहें हैं। बसना पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि जिन किसानों का समिति प्रबंधक उमेश भोई ने टोकन जारी करने का झांसा देकर धान को खरीदी केन्द्र में मंगा तो लिया परंतु किसानों को टोकन नहीं मिला। समिति प्रबंधक के द्वारा आज कल में टोकन मिल जायेगा कहकर टाल मटोल करता रहा, अंततः किसान ठगे गये। धान भी गया और पैसा भी नहीं मिला। गौरतलब है कि जिन किसानों का रकबा बढ़ा है यह गंभीर जांच विषय है। फर्जी ढंग से रकबा बढाये जाने में सहकारी समिति कर्मचारी के साथ ही राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। बिना राजस्व विभाग के सांठ-गांठ के रकबा नहीं बढ़ाया जा सकता। शासन राजस्व विभाग को करोड़ों रूपये राजस्व का नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है। वरिष्ठ कांग्रेसी किसान नेता प्रभ मुंशीराम प्रधान ने कहा कि फर्जी के रकबा बढ़ाने में शामिल सभी के खिलाफ कार्रवाई किया जाये। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधीश महासमुन्द के द्वारा पांच देव सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच या करने का निर्देश दिया है। जांच पड़ताल चल रही है, जांच उपरांत ही पता चल पायेगा कि आखिर क्या होगा।