प्रमोद दुबे
महासमुंद :- शहर के युवा इंजीनियर द्वारा बीते सोमवार की गई आत्महत्या मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। रविवार को तकरीबन 9 घंटे की मशक्कत के बाद परिजनों में पिता और मृतक की पत्नी अपने दुधमुंहे बच्चे के साथ एफआईआर के लिए भटकती रही। देर शाम मामले में एफआईआर तो दर्ज की गई लेकिन मामले की जानकारी देने में पुलिस के हाथ पांव फूल गए। रसूखदारों के नामों का खुलासा करने में पुलिस भयभीत नजर आई वहीं परिजनों को एफआईआर की कापी तो दी गई लेकिन, उन्हें एफआईआर सार्वजनिक नहीं करने की भी हिदायत के साथ बाहर भेजा गया।
बता दें कि पूरा मामला लेन देन और भारी भरकम ब्याज वसूल किए जाने से जुड़ा है। युवा इंजीनियर के पास से पुलिस ने मोबाईल और 3-4 पन्ने के सुसाइड नोट जब्त किया था। लेकिन, पांच दिन बाद भी एफआईआर करने पुलिस के हाथ पांव फूलते रहे। महावीर पार्क निवासी इंजीनियर अनिमेश रघुवंशी के फांसी लगाकर आत्महत्या मामले में सोमवार को सुसाईड नोट में लिखे गए कारणों को जानने इष्टमित्र और रिश्तेदार काफी प्रयासरत रहे। शनिवार को एक बार फिर मृतक की पत्नी को सुसाइड नोट पढ़ाया गया। जिसके बाद शहर के तीन लोगों के नाम सामने आए थे जिनके द्वारा अत्यधिक दर पर ली गई ब्याज की वसूली और दबाव के चलते युवक द्वारा आत्महत्या की गई है। मामले में कोतवाली पुलिस से केवल एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी मिली। डिटेल्स देने के लिए अपराधियों के भय से जिले के आलाधिकारी भी कतराते रहे।
