मुड़ागांव(कोरासी) :- गरियाबंद जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। जिले के अंतर्गत पांच विकासखंड है जिसमे सबसे ज्यादा छुरा, गरियाबंद, एवम मैनपुर क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते है और इस क्षेत्र में विशेष पिछड़ी जनजाति के कमार ,भूंजिया परिवार के लोग भी रहते है। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगो को भारत सरकार द्वारा विशेष दर्जा दिया जाता है और इन लोगो के लिए इनका एक अलग विभाग होता है जो सभी प्रकार से इनकी मदद करता है। छुरा विकासखंड के ग्राम बिरनीबाहरा निवासी पेनसिंग कमार जिसका एक वर्ष पहले एक्सीडेंट हो गया था। जिसके तीन बच्चे है और तीनो पढ़ाई कर रहे है पांच लोगो का परिवार है जिसकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है फिर भी अपने घर परिवार रिश्तेदार से सहयोग लेकर निजी अस्पताल में इलाज करवाया इस बीच पेनसिंग कमार की धर्मपत्नी ओमबाई कमार के द्वारा परियोजना कार्यालय कमार विकास अभिकरण में सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था। इतने लंबे अरसे बाद भी सहयोग राशि नही मिल पाया था। इस बात की जानकारी शाकम्भरी सेवा संस्थान के संस्थापक समाजसेवक मनोज पटेल को जैसे ही पता चला उस गरीब परिवार से मिलने उसका हालचाल जानने उसके घर पहुंच गया और पेनसिंग कमार ने अपनी दुख भरी दास्तां बताई तभी मनोज पटेल ने उस विभाग के अधिकारी से बात की उसके तीन चार दिन बाद हितग्राही की खाता में चालीस हजार रूपए की सहयोग राशि भेज दी गई। स्वार्थी समाजसेवक तो इस दुनिया में बहुत है, लेकिन निस्वार्थ भाव से लोगो का सेवा करे वही सच्चा समाजसेवक है, जिसमे सिर्फ और सिर्फ लोगो का भला हो शासन की योजनाएं का लाभ मनोज पटेल जैसे समाजसेवक ही अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे है।पेनसिंग कमार का पूरा परिवार समाजसेवक मनोज पटेल को और गरियाबंद परियोजना विभाग के अधिकारी को धन्यवाद दिया, आभार व्यक्त किया।
