जो हौसलों से उड़ाने भरते हैं या भरने वाले हैं उनके लिए कुछ मुक्तक प्रस्तुत हैं-

1.

उड़ने के लिए सारा आसमान बाकी हैं
आगे बढ़ करना हौसलों से ऐलान बाकी हैं
मत रुके यहाँ चलते रहना यही जीवन है
इस धरा का अभी बढ़ाना सम्मान बाकी हैं।।
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2.

शेरों की तरह चलना सीख लो
वृक्षों की तरह बढ़ना सीख लो
दर्द होता कुछ हटकर करने में
हर चुनौतियों से लड़ना सीख लो।।
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3.

मंजिलों को पाना आसान नहीं है
सिर्फ पंखों से उड़ना उड़ान नहीं है
जीतते वहीं हैं जो रखते हौसला
उनके लिए उड़ना अभिमान नहीं है।।
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4.

जग से आगे चलने के लिए
सबसे आगे बढ़ने के लिए
सूरज की तरह प्रकाश दे हम
है यह जीवन जलने के लिए।।
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5.

जिंदगी में अब हमको सफल होना है
हमें सभी से प्यार का बीज बोना है
नफरत तो सिर्फ काँटे बोते हैं सदा
हमको तो सिर्फ गुलाब पुष्प होना है।।
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6.

जुनून सँवार है कुछ करना है कुछ करना हैं
धीरे-धीरे अपने रास्तों को पकड़ना हैं
मत चलना जहाँ अंगारे ही अंगारे हैं
हमको फूलों का ढेर बिछाकर चलना हैं।।
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7.

रास्ते सुरंग से तय किये जाते हैं
उन्दा जो करें वही मंजिल पाते हैं
बुरे वक्त में मनुज अकेला होता है
सफलताओं में सब साथ हो जाते हैं।।
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– गौरव राठौर
जाँजगीर छ.ग.