मुड़ागांव (कोरासी) :- मुख्य अतिथि सरपंच प्रतिनिधि चम्पेश्वर ध्रुव,अध्यक्षता प्रधान पाठक कमल किशोर ध्रुव,हरिश्चंद्र ध्रुव (सचिव),रूपनारायण मांडले,गणेशू बागे,देवनारायण साहू ,आनंद राजपूत,कीर्ति मांडले,ज्योति साहू, ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।तत्पश्चात आमंत्रित 80 वर्ष से अधिक उम्र के वयोवृद्ध-रामा साहू,श्याम बाई, मांडले,चमारीन निषाद,कला बाई नेताम,हीरा बाई मारकंडे,कमला बाई मांडले का तिलक लगाकर,हार ,श्रीफल,और वस्त्र से सम्मानित किया गया। अतिथियों के लिए छात्रों द्वारा स्वागत गीत एवम नृत्य प्रस्तुत किया गया। मौके पर रूपनारायण मांडले ने देश में संवैधानिक ढांचा और गणतंत्र दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। जिससे जीवन के कई जानकारियों से रूबरू होने का मौका मिला। इसके अलावे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ,जिसमे हिमऋतु एवम साथियों के द्वारा झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की जीवंत प्रस्तुति उत्तम रही। सरपंच,पंचगण, ग्रामीणजन के द्वारा छात्रों की प्रस्तुति पर पुरुस्कृत किया गया और कार्यक्रम की प्रशंसा की गई। सरपंच ने अपने उद्बोधन में वयोवृद्ध का सम्मान को बड़ा अच्छा कार्य बताया एवम पंचायत के द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ग्रामिणजनो को दी गई ।विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए एक पक्के मंच की आवश्यकता महसूस की जा रहीं थी जिसे सरपंच के द्वारा बनाने की बात कही गई। साथ ही स्कूलों में इस तरह की गतिविधि होती रहनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधान पाठक कमलकिशोर ध्रुव ने कहा कि आज मेरा मन बहुत प्रफुल्लित है वयोवृद्ध का सम्मान कर ,वयोवृद्ध का सम्मान करना हमारी परंपरा है। वयश्रेष्ठो से प्राप्त ज्ञान अनुभव से हमें जीवन में आगे बढ़ने में सहयोग मिलता है। बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिये सभी का सहयोग जरूरी है। कार्यक्रम के आयोजन से बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास होता है। ध्रुव जी के द्वारा सभी का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम की समापन की घोषणा की गई। बच्चो को तैयार विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती तेजस्विता, श्रीमती आसान गायकवाड, शिक्षक संतोष टांडी ने किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक बेदप्रकाश निर्मालकर,महेश कुमार आदिल ने किया।
