जल, थल, नभ, स्पेश और एआई के क्षेत्र में भावी पीढ़ी का बढ़ा है रूझान।
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को सामर्थ्यवान बनने के अनेक उपाय बताए,कहा निर्णायक बनने की डालें आदत, कंफ्यूजन में रहने से बचें,दिया छात्रों को मंत्र।
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़ :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोर्ड परीक्षा 2024 से पहले देशभर के 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के माध्यम से देश भर के विद्यार्थियों से संवाद किया। जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा की उपस्थिति में सीधा प्रसारण स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मनेन्द्रगढ़ में छात्राओं को दिखाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 7वें संस्करण में देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की।करीब पौने दो घंटे की मेगा क्लास में बच्चों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन से लेकर बेहतर नागरिक बनने को प्रेरित किया गया।प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद सरल अंदाज में बच्चों के हर एक सवाल का जवाब दिया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने ये भी बताया कि वो कैसे इतने पॉजिटिव रहते हैं और प्रधानमंत्री के रूप में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं और उन्हें परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव से मुक्त रहने के टिप्स दिए।विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों द्वारा परीक्षा के दौरान होने वाली समस्याओं, कठिनाइयों के सम्बंध में प्रधानमंत्री मोदी से कई सवाल किए गए,उन्होंने सहजता के साथ सवालों के जवाब देते हुए सकारात्मक ऊर्जा के साथ निश्चिन्त होकर तनाव मुक्त रहकर परीक्षा में शामिल होने के उपाय बताए।प्रधानमंत्री ने स्कूली बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमारे बच्चों में लचीलापन पैदा करना और उन्हें दबावों से निपटने में मदद करना महत्वपूर्ण है, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा छात्रों के विकास के लिए शुभ संकेत है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक नौकरी की भूमिका में नहीं हैं बल्कि वे छात्रों के जीवन को संवारने की जिम्मेदारी निभाते हैं।माता-पिता को अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को उनका विजिटिंग कार्ड नहीं बनाना चाहिए।छात्रों और शिक्षकों के बीच का बंधन पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या से परे होना चाहिए।अपने बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता के बीज कभी न बोएं।बल्कि भाई-बहनों को एक.दूसरे के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।अपने सभी कार्यों और अध्ययन में प्रतिबद्ध और निर्णायक बनने का प्रयास करें।जितना संभव हो उत्तर लिखने का अभ्यास करें।यदि आपके पास वह अभ्यास है तो परीक्षा हॉल का अधिकांश तनाव दूर हो जाएगा।प्रौद्योगिकी को बोझ नहीं बनाना चाहिए।इसका विवेकपूर्ण उपयोग करें।सही समय जैसा कुछ नहीं है इसलिए इसका इंतजार न करें।चुनौतियां आती रहेंगी और आपको उन चुनौतियों को चुनौती देनी होगी। यदि लाखों चुनौतियां हैं, तो अरबों समाधान भी हैं।
असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए।हर गलती एक नई सीख हैं।उचित शासन के लिए भी नीचे से ऊपर तक उत्तम सूचना की व्यवस्था और ऊपर से नीचे तक उत्तम मार्गदर्शन की व्यवस्था होनी चाहिए।मैंने अपने जीवन में निराशा के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों ने सवाल किया कि वो परीक्षा और सिलेबस के प्रेशर को कैसे संभालें, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हमें किसी भी प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए, दबाव को हमें अपने मन की स्थिति से जीतना जरूरी है।किसी भी प्रकार की बात हो, हमें परिवार में भी चर्चा करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आपके दोस्त से आपको किस चीज की स्पर्धा है,मान लीजिए 100 नंबर का पेपर है और अगर आपका दोस्त 90 नंबर ले आया तो क्या आपके लिए 10 नंबर बचे?आपके लिए भी 100 नंबर हैं।आपको उससे स्पर्धा नहीं करनी है आपको खुद से स्पर्धा करनी है… उससे द्वेष करने की जरूरत नहीं है, खुद पर काम करना जरूरी है। असल में वो आपके लिए प्रेरणा बन सकता है। अगर यही मानसिकता रही तो आप अपने से तेज तर्रार व्यक्ति को दोस्त ही नहीं बनाएंगे।
जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में परीक्षा पे चर्चा 2024 कार्यक्रम नेता प्रतिपक्ष नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ सरजू यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जिले अंतर्गत संचालित 357 विद्यालयों के कुल 29,312 विद्यार्थियों, 4374 शिक्षक एवं 1518 अभिभावक एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना।
