नर्सिंग पेशा एक कला और विज्ञान दोनों है – ओझा।

ए के नर्सिंग कालेज में फ्रेसर्स एवं फेयरवेल का आयोजन।

सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़ :- हमारा मानना ​​है कि नर्सिंग पेशा एक कला और विज्ञान दोनों है,जो वैज्ञानिक समस्या समाधान दृष्टिकोण पर आधारित है,जो बड़े पैमाने पर समाज को व्यापक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करता है।हमारे कॉलेज की प्राथमिक चिंता शिक्षा के माध्यम से व्यक्तियों को दयालु, कुशल, नैतिक रूप से सुदृढ़, शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट पेशेवर बनाना है।वे शरीर और मन दोनों को स्वस्थ करते हुए स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता और अग्रणी होंगे।उक्त बातें मनेन्द्रगढ़ ए के इंस्टीट्यूट नर्सिंग कॉलेज मनेन्द्रगढ़ में नवागत छात्र -छात्राओं का स्वागत एवं संस्थान में अध्यापन पूरा कर चुके छात्रों की विदाई समारोह के अवसर पर कालेज के संचालक अखिलेश कुमार ओझा ने कही।इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, बी एड कालेज के संचालक राजेश शर्मा,रामचरित द्विवेदी, गोपाल सिंह,धुरंधर तिवारी, गुरदीप अरोरा, विनय पाण्डेय, मृत्युंजय चतुर्वेदी,प्राचार्य एवं समस्त शिक्षक गण मौजूद रहे।

वहीं इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए,अतिथियों ने इस दौरान जनवरी प्रथम सप्ताह में हुए स्पोर्ट्स सप्ताह के विजेता एवं उपविजेता को पुरस्कृत कर छात्र-छात्राओं का उत्साह वर्धन किया।
आयोजन के अगले चरण में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, नाटिका समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर सामाजिक मुद्दाें के प्रति जागरूक किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।समारोह का शुभारंभ मुख्यातिथि प्रभा पटेल ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होने कहा कि बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने में माता-पिता के बाद शिक्षण संस्थानों का अहम योगदान होता है।शिक्षकों को बच्चों को संस्कारवान बनाने गुणवतापरक शिक्षा देनी चाहिए। नर्सिंग कालेज के संचालक ए के ओझा ने संस्थान की वार्षिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। छात्रों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय चतुर्वेदी ने छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया व शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास के लिए इस तरह की गतिविधियों के महत्व को उजागर किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुये धुरंधर तिवारी ने शिक्षण संस्थान के छात्रों को अपने जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करते हुए व देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने की बात कही।विशिष्ट अतिथि राजेश शर्मा ने कहा कि अच्छे संस्कारों के बिना देश का नवनिर्माण असंभव है।अगर अपने देश को नया भारत बनाना है तो सबसे पहले अपने देश के भविष्य यानि यहां के बच्चों को अच्छे संस्कार देने होंगे।ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी आगे बढ़ाने की सख्त जरूरत है, जो यह कालेज बेहद अनुशासित ढंग से कर रही है।विशिष्ट अतिथि गोपाल सिंह ने कहा कि संस्था बच्चों के व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने का काम कर रही है ताकि बच्चे आगे चलकर देश का सफल नागरिक बन सके।कार्यक्रम में उपस्थित रामचरित द्विवेदी ने कहा कि छात्रों के बहुमुखी एवं चौमुखी विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओं एवं खेल के प्रति छात्रों को अभिप्रेरित करना विद्यालयों का दायित्व होना चाहिए और यह कालेज इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है.उन्होंने कहा कि हमें बच्चों पर बिना दबाव बनाए, उनका चहुंमुखी विकास करना है। बच्चे जो करना चाहते हैं उन्हें वह स्वयं करके सीखने दें।कार्यक्रम में कल्पना, रिद्धिमा, डेविड, दीपिका, शिवानी, रोहित समेत सभी छात्रों ने महती भूमिका का निर्वहन किया।