रायगढ़ – एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाइन्स को ताक में रखकर पर्यावरण की धज्जियाँ उड़ा जहरीले राख को खुले में डंप कर रहा है टीआरएन एनर्जी…मूकदर्शक बना जिला पर्यावरण विभाग…अब गाँव वाले कर रहे हैं उग्र आंदोलन की तैयारी.
रायगढ़- घरघोड़ा के ग्राम भेंगारी में स्थापित टीआरएन एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड के द्वारा पर्यावरण विभाग की किरकिरी करते हुए खुलेआम फ्लाई एश डम्प किया गया है । जिसके कारण वहाँ निवासरत लोगों की तबियत बिगड़ रही है। सिर्फ इतना ही नही कम्पनी द्वारा डम्प किये गए जानलेवा अपशिष्ट (फ्लाईऐश) गाँव की फसलों को भी नुकसान पहुँचाने लगा है ।


बता दें इस ताज़ातरीन मामलें के सामने आने के बाद गाँव वालों में पर्यावरण विभाग की कार्यशैली को लेकर जबरदस्त आक्रोश हैं उनका साफ तौर पर कहना है कि पर्यावरण विभाग को इसकी जानकारी होने के बावजूद इस पर न तो प्रतिबन्ध लगा रही है और न ही किसी प्रकार की विधिसम्मत कार्यवाही कर रही है। परिणामस्वरूप अब स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ इस विवादित उद्योग की मार झेल रहे अन्य ग्रामवासियों में एकजुटता के साथ विरोध के स्वर उठ रहे है। माना जा रहा है कि यह जनांदोलन अब उग्र आन्दोलन की ओर अग्रसर हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक टीआरएन एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड का नाता अपने स्थापना काल से ही विवादों में रहा हैं। फ्लाई एश के निपटान के मामले में कई दफा जमकर लापरवाही बरते जाते आ रहा है। ताजा मामला भी अवैध रूप से किये गए फ्लाईऐश की निपटान का ही है जहाँ ग्राम-टेण्डा में सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) द्वारा निर्देशित नियमों के विपरीत जाकर फ्लाईऐश का निपटान किया जा रहा है। एनजीटी के नियमों के उल्लंघन करने से पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान होगा।

नदी, नाले और तालाब सहित समूचा पारिस्थिकी तंत्र हो रहा है विषा�
