स. शि. मं. नवापारा में नागपंचमी का पर्व मनाया गया।

नवापारा राजिम :- सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा में नाग पंचमी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर किशोर भारती प्रमुख मोहनीश साहू एवं सभी पदाधिकारियों ने नाग देवता पर तिलक वंदन कर आरती किया।सभी बच्चे फूल श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिए।
परीक्षा प्रमुख कृष्ण  वर्मा ने नाग देवता की महत्ता बताते हुए कहा की–भविष्य पुराण के अनुसार नागो ने अपनी माता की बात नहीं मानी इसलिए उन्हें श्राप मिला था कि वे जनमेजय यज्ञ में जलकर भस्म हो जाएंगे। घबराए हुए नाग ब्रम्हा जी के पास गए और अपनी जान बचाने के लिए प्रार्थना किए ब्रम्हा जी ने कहा नागवंश के महात्मा जरतकारू के पुत्र आस्तिक समस्त नाग की रक्षा करेंगे।

आस्तिक मुनि ने उन पर दूध डाला और वे यज्ञ में जलने से बच गए उस दिन सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी तब से नागपंचमी का पर्व मनाया जाता हैं।आज के दिन घर के द्वार पर नाग देवता बनाया जाता है और विधी-विधान से पूजन किया जाता हैं नाग किसानों का मित्र होता है फसल में कीड़े होने से वे फसल को काट देते है नाग कीड़े को खाकर फसल की रक्षा करते हैं। वरिष्ठ आचार्य नरेश यादव ने कहा नाग देवता की पूजा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं।

सर्प की संख्या घट रही हैं कारण हम हैं खेतो मे कीटनाशक दवाई डालते हैं जिससे उनको हानि होती हैं वे हमारे दुश्मन नहीं है किसी भी जीव-जंतु को मारना नहीं चाहिए उनको सताना नहीं चाहिए।यह भोलेनाथ के गले का हार है। भारत पर्व प्रधान देश है जहां हर दिन एक उत्सव होता हैं हमें अपनी परंपरा का निर्वहन करना चाहिए और उनके पौराणिक महत्व की जानकारी होनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नंद कुमार साहू ने किया। प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।इस अवसर पर समस्त आचार्य उपस्थित रहें।