राजिम :- छत्तीसगढ़ के प्रयागराज में दिनोंदिन पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या हजारों से लाखों में होती जा रही है जिसके कारण सड़क पर पांव रखने तक की जगह नहीं रहती है। ट्रैफिक प्रस्ताव को व्यवस्थित करने के लिए कोई चौक चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस या फिर अन्य सिपाहियों की कोई व्यवस्था नहीं रहती है जिसके कारण राहगीरों में डर का माहौल बना हुआ है। शहर के लोग भी बड़ी सावधानी से आना-जाना करते हैं थोड़ी सी भी चूक हुई तो बड़े हादसों से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि एनएच 130 सी शहर के बीचो-बीच अंदरुनी मार्गो से होकर आगे बढ़ती है। बाहर से आने वाले हैवी गाड़ियों को भी इसी मार्गो से होकर गुजरना पड़ता है कई बार तो बड़ी ट्रक सड़क की चौड़ाई छोटी होने के कारण मोड़ने में बड़ी दिक्कत होती है। ड्राइवर बड़ी सावधानी से अपने ट्रकों को निकालते हैं। इस दौरान कई बार ट्रक के समान नीचे गिर गए हैं अर्थात हादसे होते होते बच गए हैं। उल्लेखनीय है कि जब से बरसात का मौसम आया है तब से लेकर शनिवार और रविवार को शहर की सड़कों पर सिर्फ चार पहिया वाहन ही दिखते हैं। वाहनों का ऐसा रेला लगा रहता है की बाइक सवार को आगे बढ़ाने में भी दिक्कत होती है। संपूर्ण छत्तीसगढ़ तथा अन्य राज्यों से लोग हरि और हर की नगरी में श्रद्धा भक्ति के साथ पहुंचते हैं। यहां के त्रिवेणी संगम स्नान उपरांत लक्ष्मण झूला से होकर विश्व का प्रसिद्ध पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव तथा भगवान विष्णु का राजीवलोचन मंदिर दर्शन के लिए जरूर पहुंचते हैं। इसके अलावा जिले में स्थित वॉटरफॉल, पहाड़ों में विराजमान देवी स्थल, विश्व का विशालतम शिवलिंग भूतेश्वर नाथ महादेव इत्यादि जगहों पर भीड़ का खास नजारा बना रहता है। बता देना जरूरी है कि विधानसभा मुख्यालय राजिम चार जिला मुख्यालय एवं राजधानी मुख्यालय से जुड़ा हुआ है। जिला मुख्यालय गरियाबंद 45 किलोमीटर, महासमुंद 44, रायपुर 45, धमतरी 65 तथा राजधानी नया रायपुर 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इन सभी और से तरफ से सुबह से लेकर देर रात तक पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। राजधानी रायपुर से आने वाले सड़क मार्ग जो त्रिवेणी संगम महानदी पुल से आवागमन का दबाव शुरू होता है तो पंडित श्यामाचरण शुक्ल चौक, पंडित सुंदरलाल शर्मा चौंक, गोवर्धन चौंक, महामाया चौक, राजिम भक्तिन माता चौक, चौबेबांधा तिराहा, छुरा मार्ग पर कॉलेज चौक, व्यवहार न्यायालय के पास, महासमुंद मार्ग शिवाजी चौक, श्री राम चौक,तहसील चौक, कृषि उपज मंडी चौक, नदी किनारे वीवीआइपी मार्ग, राजीव लोचन मार्ग इत्यादि में जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। परंतु विपरीत यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने कोई मौजूद नहीं रहते। पहले चौबेबांधा तिराहे पर अक्सर पुलिस बल देखे जाते थे लेकिन अब वहां भी कोई नहीं रहता। हां यह बात जरूर है कि रेती ले जाने वाले हाईवा आना-जाना करते हैं तब कोई न कोई पुलिस मौजूद रहते हैं। जानकारी मिली है कि इन पुलिस के जवानों के द्वारा हाईवा वालों से पैसे वसूली किया जाता है। कई बार तो लोडिंग ट्रकों को स्कूल की छुट्टी होने के समय छोड़ दिया जाता है जिसके कारण स्कूली बच्चे को आने जाने में बड़ी तकलीफ हो रही है। बालक चिल्लाते रहते हैं कि कम से कम स्कूल लगने के समय व छुट्टी के टाइम लोडिंग गाड़ियों को शहर के अंदरूनी मार्गो पर छूट न दी जाए।
सड़क किनारे कालर में भर जाता है पानी
ज्ञातव्य हो कि जब से बरसात लगा हुआ है तब से सड़क किनारे की स्थिति बद से बद्तर है। दोनों कालर में पानी भर जाता है जिसके कारण कीचड़ ही कीचड़ हो गया है पिछले दो दिन से पानी गिरना बंद है इसके बाद से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। हल्की सी भी बरसात हुई तो कई लोग गस खाकर गिर जाते हैं। शहर के लोगों ने चेकर टाइल्स लगाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने सुध नहीं ली है। पिछले तीन माह पहले मई के अंतिम दिनों में सड़क पर गिट्टी डामर की परत चढ़ाई थी जिसके कारण सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है और कलर पर कहीं पर मिट्टी डाल दिया है तो कहीं पर अभी भी कुछ नहीं डाला है इससे गाड़ियां फिसलकर गिर जाती है। पिछले दिनों एक बाइक सवार अपने चाची को बिठाकर गाड़ी को रोड में चढ़ा रहे थे। बाइक के छक्के फिसल गए और जोरदार गिरे हाला की ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन यही स्थिति रही तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्कूल टाइम में हैवी गाड़ियों पर लगे रोक
सुबह 9 से लेकर 12:00 तक तथा शाम 4:00 बजे से लेकर 5:00 बजे तक बच्चों की छुट्टियां होती है इस समय सड़क स्कूली छात्र-छात्राओं से भर जाता है। पालकों ने स्कूल लगने एवं छुट्टी होने के समय हैवी गाड़ियां सड़क में दौड़ाने पर ब्रेक करने की मांग की है। यह भी बताना जरूरी है कि शहर की आबादी दिनों दिन तेज गति से बढ़ रही है लेकिन राहगीरों के लिए जो सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए वह ना के बराबर साबित हो रही है।
