भ्रामक खबर का प्रशासन ने जारी किया स्पष्टीकरण।

दंतेवाड़ा  :- समाचार पत्रों में बारिश के समय चितालंका तालाब में गहरीकरण और सौंदर्यीकरण होने के नाम पर शासकीय पैसों के दुरुपयोग संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ है। यह भ्रामक एवं निराधार है। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि चितालंका तालाब में जो कार्य किए जा रहे हैं। यह गहरीकरण का कार्य नहीं है। आर्किटेक्ट के माध्यम से सुनियोजित तरीके से डिजाइन किया गया है इसके आधार पर निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। जिस प्रकार से किसी मकान को बनाने के लिए नींव खुदाई कर बेस तैयार किया जाता है उसी प्रकार तालाब में बेस कार्य किया जाना है, जिसके लिए खुदाई की जा रही है। तालाब में खुदाई कार्य, मनरेगा के कार्य से यह पूर्णता अलग है, इसे मनरेगा का कार्य समझना अनुचित है और इन कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है। चितालंका में तालाब का कार्य आर्किटेक्ट के डिजाइन अनुसार तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में बनाया जा रहा है। समाचार पत्र में छपी खबर में तकनीकी जानकारी का अभाव, दूरदर्शिता की कमी और जनता को भ्रमित करने वाली है। इस खबर का पूर्ण रूप से खंडन किया जाता है‌।