
नवापारा राजिम :- सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा में हरियाली पर्व के पावन अवसर पर अंतरशालेय गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि तिलक राम साहू सरपंच परसदा, अध्यक्षता सूरज देवांगन, प्रसिद्द टेलर नवापारा नगर समाजसेवी, प्राचार्य कृष्ण कुमार वर्मा प्राचार्य, निर्णायक-एस आर. सोन सर सेवानिवृत शिक्षक शासकीय आदर्श हरिहर विदयालय नवापारा, आनंद श्रीवास्तव गायत्री परिवार,ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता कुल छह विषयों पर आधारित थी जिससे नवापारा राजिम नगर के कुल 28 प्रतिभागी सम्मिलित हुए। कड़ी प्रतिस्पर्धा और एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया निर्णायक भी इस अद्भुत कार्यक्रम से भाव विभोर हो गए और कहा ऐसी सुमधुर आवाज़ और प्रदर्शन में कठिन हो गया हैं किसे चयन करें। भाव प्रस्तुति स्वर और लय के आधार पर उत्कृष्ट गीत जो बोएगा वहीं पाएगा, गीत के लिए मुस्कान साहू शिशु मंदिर नवापारा को प्रथम स्थान प्राप्त हुए, गीतांजली साहू शिशु मंदिर नवापारा को द्वितीय,एवं रुद्राक्षी चक्रधारी रामजानकी विद्यालय नवापारा को तृतीय स्थान प्राप्त हुए।विजेताओं को अतिथिगणों के कर कमलों से प्रोत्साहन राशि क्रमशः एक हजार एक, सात सौ एक, और पांच सौ एक रुपए एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि तिलक राम साहू ने कहा इंसान वहीं जिसके मन में सभी के लिए प्रेम एवं सम्मान का भाव हो आज के विद्यार्थी पढ़-लिखकर डॉक्टर वकील इंजीनियर पायलेट एवं कलेक्टर बन अपने सपनों को पूर्ण करना चाहते है। लेकिन किसान कोई नहीं बनना चाहते हम सभी को दो वक्त की रोटी किसान के खून पसीने की कमाई से मिल पाता है किताबी ज्ञान के साथ ही संयमित जीवन जीने का हुनर भी सीखना चाहिए और अपने परंपरागत व्यवसाय को भी आगे बढ़ाना चाहिए जो हमारे पूर्वजों की धरोहर है धान का कटोरा हैं छत्तीसगढ़ और किसान पूरे हिन्दुस्तान की शान हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में सूरज देवांगन ने कहा-संगीत को कंठ से गाना चाहिए दिल से आवाज़ आनी चाहिए जिसमे स्वर का ध्यान रखना है कहां रुकना हैं, कहां शब्दो को वजन देना हैं इसका ध्यान जरुरी हैं। विद्यार्थी पढ़ाई के बाद भी संस्कार को न भूले समाज परिवार और राष्ट्र के लिए यह अति आवश्यक है आदर्श बालक निर्माण की दिशा में शिशु मंदिर अग्रणी संस्था है जो गुरु भक्ति आज्ञापलन सेवाभाव सिखाते है इसे हमेशा संभाल कर रखे कभी भटकाव की स्थिति नहीं आएगी। एस. आर. सोन सर ने कहा पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में आज सभी भारतीय संस्कृति को भूलते जा रहे हैं राष्ट्र को बचाने के लिए हिन्दू हिन्दुत्व और हिंदुस्तान का संकल्प लेना जरूरी है आज हमे विद्यार्थियों ने चारित्रिक विकास करना है और आत्मनिर्भर होने की शिक्षा देनी है जिससे वे सभ्य समाज का निर्माण कर सकें। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी आचार्य दीपक देवांगन ने किया आभार पूर्व प्राचार्य नरेश यादव ने किया इस अवसर पर रेणु कुमार निर्मलकर, संजय सोनी, नारायण पटेल, सरोज कंसारी, नंद कुमार साहू नरेंद्र साहू तामेश्वर साहू, बाल्मिकी धीवर परमेश्वर सिन्हा धनेश्वरी साहू निकिता यादव मोनिका मालवीय निकिता तराने मंजू साहू, मोनिका वैष्णव, ममता साहू के साथ अन्य विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहें। उक्त जानकारी प्रचार प्रसार से सरोज कंसारी ने दी।
