84 गांव के ग्रामीणों ने कांदाडोंगर में छिंदौलिन जातरा मना कर अच्छी बारिश व सफल किसानी के लिए भीमा देव का पूजन किया।

देवभोग :- देवी कूलेश्वरीन धाम के नाम से विख्यात कांदाडोंगर ने धूम धाम से छिंदौलीन जातरा मनाया गया। वर्षो पुरानी चली आ रही इस परंपरा के मुताबिक हरेली अमावश के पूर्व पड़ने वाले शुक्रवार को यह जातरा मनाया जाता है। जंहा 84 गांव के झाखर पुजारी के साथ भारी संख्या में ग्रामीण जुटते हैं।छिंदौलिन देवी के पूजन के बाद वर्षा के देवता माने जाने वाले भीमादेव का पूजन होता है। परम्परागत तरीके से होने वाले इस पूजन के पीछे किसान की सफलता की कामना की जाती है। अच्छी बारिश लिए भीमा देव की आराधना की जाती है।

जन सहयोग से करेंगे आस्था के केंद्र का विकास-इस पारंपरिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय गोंडवाना गोड महासभा लोकेंद्र कोमर्रा भी उपस्थित हुए। कूलेश्वरिन खम्भेश्वरीन देवी के पूजन अर्चन किया।कोमर्रा ने आस्था के केंद्र माने जाने वाले कांदा डोंगर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकास के लिए जन सहयोग से कार्य शुरू करने का प्रस्ताव रखा। सरकार से लम्बे समय से पर्यटन स्थल बनाए जाने के मांग हो रही है। सभा में जिसकी चर्चा 84 गांव के ग्रामीणों ने उठा कर मांग को तेज करने की भी बात रखी। मौजूद गणमान्य नागरिको ने केंद्र के विकास के लिए अपनी अपनी बात भी रखी।

कोमर्रा ने अस्वस्त किया, उन्होंने कहा की आने वाले समय में जल्द ही यह आस्था का केंद्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
इस आयोजन में नदरो राम पुजारी, मुकेश दीवान, अमृत कोमर्रा, जबर सिंह नागेश,मर्दन सिंह, सेवक दीवान, निरल ध्रुव, बासुदेव गौंटिया, रामानुज नेताम, पुरुषोत्तम सोम, टीकम सिंह सरपंच, किशोर प्रधान, अवस्थी, परिक्षीत सिंह कोमर्रा, चेतन दीवान एवं अन्य समाज प्रमुख उपस्थित हुए।