
राजिम :- द्वारा विरचित “पुस्तक बादर उठे रहिथे करिया” का लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ,जिसे शिक्षादूत प्रकाशन संस्थान के मुखिया सत्यप्रकाश सिंह ने निःशुल्क प्रकाशित किया था, और कवि मोहन श्रीवास्तव एवं शोभामोहन श्रीवास्तव ने उनकी रचनाओं को लिपिबद्ध कर संकलित संपादित किया, एवं भव्य विमोचन का कार्यक्रम आयोजित किया था। पुस्तक विमोचन समारोह में विशिष्ट अतिथि की आसंदी पर विराजमान पद्मा दुबे ने अपने उद्बोधन में बताया, कि त्रिवेणी नाग जी के घर में पंखे की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह बात जानकर देश और प्रदेश की प्रतिष्ठित सामाजिक सांस्कृतिक संस्था वक्तामंच के मुखिया आदरणीय राजेश पराते जी ने पद्मा दुबे जी के उद्बोधन के तुरंत बाद मंच पर आकर अपने परदुख कातरता और करूणा का परिचय देते हुए वक्तामंच के माध्यम से उन्हें पंखा प्रदान करने की घोषणा की। जिसे आज राजिम क्षेत्र की लब्ध प्रतिष्ठित महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष, सर्वब्राह्मण समाज की प्रदेश सचिव, स्मरण पंडित सुंदरलाल शर्मा वेल्फेयर सोसाइटी की अध्यक्षा पद्मा दुबे जी के कर कमलों से छत्तीसगढ़ी बोलीभाखा की प्रसिद्ध कवयित्री त्रिवेणी नाग जी को प्रदान किया गया। उक्त अवसर पर वैष्णवी दुबे, वसुंधरा दुबे, वैभव आदित्य दुबे, सपना ताम्रकार, मंजू निषाद, और ईश्वरी नाग आदि उपस्थित थे। आज समाज में जहाँ एक ओर आत्ममुग्धता और स्वार्थपरता चरम पर है ऎसे समय में वक्तामंच के राजेश पराते, शिक्षादूत प्रकाशन के मुखिया सत्यप्रकाश सिंह, मोहन श्रीवास्तव, एवं शोभामोहन श्रीवास्तव द्वारा किया गया यह पुनीत प्रयास समाज में सकारात्मक और परोपकार की भावना को मानव समाज में संचारित करने के लिए प्रेरक का कार्य करेगा। वक्तामंच एक ऐसी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था है जो सदैव अपने सामाजिक सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यों से समाज को नयी दिशा देने का कार्य करती है। वक्तामंच मंच के मुखिया राजेश पराते, शुभम साहू और उनकी पूरी टीम को इस पवित्र कार्य के लिए साधुवाद है।
