प्रशासन की तालाबंदी से मुक्त करा कर पार्क बनाया जाये श्री राम प्रांगण को – केशर वानी।


सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़:- 60 वर्ष के इतिहास में शायद यह पहला अवसर आया है जब मनेन्द्रगढ़ के श्री राम मंदिर प्रांगण में ट्रस्ट का नही प्रशासन का ताला लगा है । लगभग 2 महीने से लटके इस ताले का शहर के सर्व हिन्दू समाज नें अब तक कोई विरोध नही किया ये हिन्दुओं के अच्छे , शांत स्वभाव व संस्कार का प्रतीक है ।


समाजसेवी राजेश केसरवानी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से इस राम मंदिर परिसर में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर ट्रस्टियों और पुजारी जी के परिवारजन के मध्य विरोधाभास बना हुआ है जो मंदिर और बाजार की सीमाओं को लांघकर थाना , कोर्ट , कचहरी की चारदीवारियों तक पहुंच गया है जो कि दुखद व निंदनीय है ।

प्रशासन के ताले की वजह से अब न तो उस मैदान पर बच्चे खेल पा रहे हैं न ही ट्रस्टीगण अपनी मंशानुरूप कोई कार्य कर पा रहे हैं । फिलहाल इस समस्या के समाधान के लिये भी कोई सकारात्मक पहल किसी के द्वारा नही की जा रही है ।

 

पिछले कई वर्षों से इस प्रांगण और यहां बने धर्मशालानुमा भवन को शादी , विवाह , पार्टी या अन्य किसी कार्यक्रम के लिये देने पर ट्रस्ट द्वारा प्रतिबंध भी लगा कर रखा गया है,कुल मिलाकर ये प्रांगण शहर की जनता के लिये लगभग अनुपयोगी सा रह गया है।”गांधी पार्क ट्रस्ट “के नाम से आरक्षित इस भूमि पर यदि एक पार्क विकसित कर दिया जाये , छोटे बड़े वृक्ष व फूलों का पौधारोपण कर दिया जाये तो खुश्बू व हरियाली से यहां का वातावरण भी स्वच्छ , शीतल हो उठेगा। 5 – 7 स्टील या सीमेंट की कुर्सियां डाल दी जाये तो शहर के बुजुर्ग व रिटायर्ड व्यक्तियों के लिये अपनी तन्हाई दूर करने का एक सुंदर विकल्प मिल जायेगा। जयस्तंभ के पीछे जो दो दीवारें बना कर उसे कैद कर दिया गया है,पीछे की उन दोनों दीवारों को तोड़कर चारदीवारी में कैद ” शहीद स्मारक जयस्तंभ ” को भी मुक्त किया जाये , इस पार्क को शहीद स्मारक पार्क नाम दिया जाये।विचार उचित प्रतीत हो तो नगरपालिका प्रशासन , नगर प्रशासन , राम मंदिर ट्रस्ट व सर्व हिन्दू संगठन इस पर सकारात्मक कदम उठाने का प्रयास करें ।