
मगरलोड :- एडीबी द्वारा कुरुद से पांडुका स्टेट रोड तक सौ करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई सड़क दो महीने में ही धसकने लगी है। जिससे उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।लोगो ने रोड निर्माण की जांच कराने की मांग की है। ज्ञात हो कि नेशनल हाईवे कुरूद बायपास रोड से पांडुका तक सड़क बनवाने शासन ने एडीबी प्रोजेक्ट के तहत करीब 100 करोड रूपए की राशि की मंजूरी दी है। इसी के तहत कुरुद में दो महीने पहले बन कर तैयार सड़क अभी से धसकने लगी है। रोड में लम्बे लम्बे गढ्ढे पड़ गये हैं। जिससे लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे है। रायपुर को जगदलपुर से जोड़ने वाली एनएच 30 में कुरुद से मेघा, मगरलोड, अमलीडीह होते हुए पांडुका तक 35 किमी लंबी 10 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण का ठेका लोकनिर्माण विभाग ने मोन्टेकारलो लिमिटेड गुजरात को दिया है। जिसका वर्कआर्डर 30 अगस्त 2019 को जारी हुआ। जिसमें कार्याविधि 20 माह तय किया गया है। इसके लिए हैदराबाद की शेलाडिया एसोसिएट्स को कंसल्टेंसी का काम सौंपा है। इसी प्रोजेक्ट के तहत हाइवे से मेघा रोड़ के बीच करीब 17 सौ मीटर लंबी कुरुद बायपास मार्ग का काम विगत तीन वर्षों से चल रहा है। कई बार तोड़ने फिर बनाने के बाद आखिरकार दो महीने पहले बन कर तैयार हुई सड़क अभी से धंसने लगी है। इस टु लेन सड़क में भारी वाहनों के पहियों से दबकर करीब दो तीन इंच गहराई तक लम्बे गढ्ढे पड़ गये हैं। नगर के इस व्यस्ततम मार्ग में पड़े इन गड्ढों में आये दिन हादसे हो रहे हैं। दो महीने के भीतर ही सौ करोड़ की लागत वाली इस सड़क की बदहाली देख लोग इसमें अनियमितता का आरोप लगा रहे हैं। इस बारे में कंसल्टेंसी अधिकारी ने बताया कि इस सड़क का ट्रेफिक सर्वे पांच साल पहले किया गया था, तब इसमें वाहनों का इतना दबाव नहीं था। वर्तमान में इस मार्ग पर भारत माला सड़क निर्माण में लगी भारी वाहनें एवं रेत वाली हाइवा दिन रात दौड़ रही है। जिसकी वजह से सड़क धंस रही है। हमने निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी कर मरम्मत करने का निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि नगर से दस किलोमीटर की दुरी पर बहने वाली महानदी से चौबीस घंटे वैध अवैध तरीके से गौण खनिज का दोहन किया जा रहा है।जिसमें लगी भारी भरकम वाहनों के फर्राटे भरने से क्षेत्र की अधिकांश सड़कें दरकने लगी है।
