राजिम में होने लगी मेडिकल कॉलेज की मांग l 

राजिम :- 6 जून छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग हो रही है। शिक्षा के क्षेत्र में अमूलचूल परिवर्तन के मूड में छात्र-छात्राएं दिख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजिम धर्म के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का प्रयागराज है। नतीजा प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के अलावा विदेश से भी लोग यहां पहुंचते हैं कोई पर्यटन करते हैं तो कोई दर्शन पूजन करते हैं। कोई कोई तो यहां के मंदिरों में उत्कीर्ण कला नक्काशी को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। जिस तरह धर्म अध्यात्म के क्षेत्र में इस नगरी का नाम है उसी तरह से शिक्षा के क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित हो। हमने कुछ लोगों के विचार जानना चाहा तो उनका साफ कहना था कि 80 के दशक में अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का गढ़ रहा है। उस हिसाब से तो शिक्षा के अनेक संस्थान खुल जाने थे परंतु अभी तक नहीं खुल पाना सोचनीय विषय बन गया है। शिक्षा महाविद्यालय, आईटीआई, कृषि महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि के लिए विद्यार्थियों को दूसरे शहरों में जाकर शरण लेनी पड़ रही है। इससे खर्चा बहुत ज्यादा हो रहा है सामान्य वर्ग के लोग खर्चा उठा पाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं नतीजा अपने बच्चे की पढ़ाई वहीं पर रोक दी जा रही है जिसके कारण क्षेत्र के लोगों की अच्छी पोस्ट पर नौकरियां नहीं लग पा रही है। यदि सारी सुविधाएं शहर में हो जाती तो फिर दूर जाने की जरूरत ही ना होगी और कम खर्चे में तमाम व्यवसायिक पाठ्यक्रम हो जायेंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को अवसर मिलेगा और समृद्धि बढ़ती। छात्र मुकेश, डोमन, आदित्य,विनय, ओंकार, रामकुमार, मंथीर आदि ने कहा कि महासमुंद में मेडिकल कॉलेज खुल गए। राजिम में भी इस हेतु प्रयास होना चाहिए यहां के सांसद विधायक इसकी मांग करें और शीघ्र यहां के होनहार विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका मिले। उल्लेखनीय है कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बड़ी रहती है लेकिन कॉलेज जाते तक संख्या बिल्कुल कम हो जाती है ऐसा नहीं है यह सारे छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं बल्कि अच्छे नंबरों से पास हुए हैं। मार्गदर्शन के अभाव एवं सुविधाएं नहीं होने के कारण 12वीं के बाद से पढ़ाई छोड़ कर कोई साइकिल दुकान में काम करते हैं तो कोई रोजी मजदूरी का काम तो कोई छोटी मोटी दुकान डालकर जीविकोपार्जन करते हैं इससे क्षेत्र की प्रतिभाएं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रही है। राजिम अपने आप में एक बड़ा इलाका है कोशिश आपसे मात्र एक शासकीय राजीवलोचन कॉलेज काफी नहीं है बल्कि और बहुत सारे कॉलेजेस यहां खुलना चाहिए ताकि बाहर जाने वाले विद्यार्थियों को सुविधाएं यही मिल जाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्राचीन मंदिरों के नाम से राजिम की ख्याति है उसी तरह से शिक्षा के क्षेत्र में भी इनका नाम होना चाहिए ना कि यहां के छात्र पलायन करते रहे। राजनीतिक परिदृश्य देखें तो राजिम विधानसभा से मुख्यमंत्री के अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा अनेक बार केंद्र में कैबिनेट स्तर के मंत्री दिए हैं। इस विधानसभा में एक नगर पालिका तथा चार नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायतें है। हर बार चुनाव में यहां से भाजपा एवं कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जीत दर्ज करते हैं। दोनों पार्टियों की सरकार बैठ चुकी है लेकिन किसी ने शिक्षा के क्षेत्र में राजिम को आगे नहीं ले गया है। वैसे यहां धमतरी जिला गरियाबंद जिला एवं रायपुर जिला के विद्यार्थी बड़ी संख्या में लाभ ले सकते हैं।