धर्म जागरण रायपुर समन्वय द्वारा आयोजित धार्मिक ज्ञान प्रतियोगिता का हुआ समापन।

रायपुर :- धर्म जागरण रायपुर समन्वय द्वारा आयोजित धार्मिक ज्ञान प्रतियोगिता का हुआ समापन। यह प्रतियोगिता तीन आयु वर्गो के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी। पहला 4 वर्ष से 7 वर्ष दूसरा 8 वर्ष से 10 वर्ष एवं तीसरा 11 वर्ष से 18 वर्ष, 11 वर्ष से 18 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक हफ्ते का ऑनलाइन धार्मिक ज्ञान हेतु ऑनलाइन क्लास का आयोजन किया गया था। सभी विद्यार्थियों के लिए 4 जून 2023 रविवार को स्वामी प्रणवानंद एकेडमी भारत सेवाश्रम संग्राम मंदिर के आगे भी आती रोड रायपुर में एक दिवसीय ऑफलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें सभी रजिस्टर्ड विद्यार्थियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राजकुमार जी प्रांत प्रचारक धर्म जागरण रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता महेश बिरला संघचालक रायपुर महानगर ने किया एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज सचिव भारत सेवाश्रम संघ रायपुर, शशि व्यास जिला संयोजक धर्म जागरण रायपुर रहें।

कार्यक्रम का मंच संचालन मधु सोनी ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा अनुशासन में रहना चाहिए एवं धर्म के प्रति जागरूक रहना चाहिए सभी विद्यार्थियों को दिन में एक बार आरती एवं हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। संघचालक महेश बिरला ने कहा कि मैं सभी अभिभावकों का साधुवाद करता हूं कि वे हर साल अपने बच्चों को धर्म की शिक्षा देने के लिए हर वर्ष यह लाते हैं और धर्म के प्रति जागरूक रखते हैं। स्वामी स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि भगवान गणेश जैसे हर विद्यार्थी को बन्ना चाहिए क्योंकि भगवान गणेश का कान सुपे के आकार का था इसलिए वे लोगों को सुनते थे। और कम बोलते थे इसलिए उन्हें सनातन धर्म में सर्वप्रथम पूजा जाता है। कार्यक्रम के संयोजक शशि व्यास ने बताया कि हम यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को धर्म के प्रति ज्ञान देने के लिए आयोजित करते है ताकि लोगों का स्वधर्म से लगाव बढे और धर्मान्तरण-लव जिहाद पर रोक लग सके, हम इस आयोजन को भव्य रुप से करते हैं। इस आयोजन का यह दूसरा साल है। कार्यक्रम में देवांश तिवारी, अनिमेष सिंह ठाकुर, कृष्ण कुमार शर्मा, वीरेंद्र चौबे, सीताराम गुप्ता, भूमिका सिंह, इतिशा शर्मा, आभा पांडे, चंदन अग्रवाल सहित प्रतिभागी एवं अभिभावक गण मौजूद रहे।