भोपाल-अवधेश पुरोहित

भोपाल :- गत २८ मई रविवार को विश्वभर के हिंदुओं की आस्था का केन्द्र महाकाल में बने महाकाल महालोक में जमकर भ्रष्टाचार हुआ जो जरा सी आंधी में सात महीने तक भी नहीं चल सका, इसको लेकर दुनियाभर के हिंदुओं में काफी रोष व्याप्त है और लोग यह कह रहे हैं कि नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में क्या यह धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार की खुली लूट है, हालांकि हिंदुओं की आस्था को चोट लगी ही है, वहीं शिवराज सिंह की के विकास की पोल भी खुल गई। वैसे यदि कहा जाये तो पीएम नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सरकार की कार्यशैली में फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाकर चाहे केंद्र की राशि हो या राज्य की राशि उस राशि में घपले घोटाले से पीएम अच्छी तरह उससे वाकिफ हैं? इसी के चलते शिवराज को केंद्र में लाने के लिए पीएम तैयार नहीं होते ऐसा वरिष्ठ भाजपाईयों का कहना है उनकी बातों पर यदि विश्वास करें तो शिवराज को केंद्र में जाने की खबरें कई बार चलीं लेकिन शिवराज की कार्यशैली का पीएम मोदी से परिचित होने के चलते शिवराज को केंद्र में जाने की हवा निकल गई, वहीं भाजपाईयों का तो यहां तक कहना है कि यदि केेंद्र की राजनीति में शिवराज को रखा गया तो शिवराज अपनी चाणक्य नीति के चलते मोदी के खिलाफ ही माहौल बनाकर उनको हटाने की जुगाड़ में लग जाएंगे? वैसे भी शिवराज की कार्यशैली में रचे-बसे गौरीशंकर बिसेन जब आरोपों फंसे तो उन्होंने कह दिया था कि रुपयों की दम पर मैं केंद्र में कृषि राज्यमंत्री तो बन सकता हूँ? गौरीशंकर बिसेन के इस तरह के कथन से मोदी को आघात पहुंचा था लेकिन फिर भी उस समय चुप्पी साधकर रह गए? २०१८ के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश भाजपा को मिली करारी हार के बाद भी जब ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों की बदौलत शिवराज सिंह को सौगात में मिली सत्ता आने के बाद मुख्यमंत्री पद से शिवराज को फिर से नवाजा गया था? सत्ता से नवाजे जाने के कुछ दिनों बाद अमित शाह और नरेन्द्र मोदी ने शिवराज से यह पूछ लिया था कि प्रदेश का मुख्यमंत्री का पद पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को नवाजा जाए तो यह सुनते ही शिवराज सिंह ने उन्हें यह जवाब दिया था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बना हो हमें कोई हर्ज नहीं है लेकिन इसके बाद शिवराज सिंह ने दबी जुबान से यह चुनौती अमित शाह को दी थी कि प्रदेश भाजपा के ५०-७० विधायक कांग्रेस में जाने को तैयार हैं? शिवराज सिंह की इस तरह की चुनौतियां कई बार भाजपा नेतृृत्व को दिये जाने की चर्चा भाजपा के नेता करते हैं? हालांकि मोदी ही नहीं भाजपा का हर नेता जानता है कि शिवराज की लोकप्रियता केवल छह पूड़ी, अचार और दो सौ रुपये देकर जुटाई गई भीड़ की बदौलत है, इसकी जमीनी हकीकत में कुछ दम नजर नहीं आ रही है, इसी छह पूड़ी, अचार और दो सौ रुपये देकर जुटाई गई भीड़ की बदौलत शिवराज सिंह प्रदेश की सत्ता पर काबिज हैं और इसी की बदौलत यही सब दिखाकर वह हाईकमान को चुनौती देते रहते हैं? लेकिन २८ मई को हल्की सी आंधी के बाद महाकाल लोक ध्वस्त होने के बाद हिंदुओं की आस्था पर जो चोट पहुंची है उसका मोदी को काफी दु:ख है भाजपा के लोगों का तो यहां तक कहना है कि अभी तो मोदी कुछ करने के मूड में नहीं हैं लेकिन भविष्य बतायेगा कि प्रदेश में आस्था का केन्द्र महाकाल महालोक में धर्म के नाम पर जो उनके मंत्रियों ने भ्रष्टाचार करके मोदी की छवि को धूमिल करने का काम किया है इसके परिणाम आने वाले समय में जरूर देखने को मिल सकते हैं? वैसे शिवराज सरकार में आस्था के नाम पर कुछ भी खेल हो सकता है, इनकी सरकार के मंत्री तो अपने क्षेत्र के मतदाताओं की मौत पर मरे का माल तक खाने में माहिर हैं? इस सबकी जानकारी पीएम मोदी को है और वह अपने स्तर पर महाकाल महालोक में हुए घोटालों की जांच अपने स्तर पर कराने में लगे हुए हैं, वह इसकी भी जांच करा रहे हैं कि क्या हल्की सी चली आंधी में बड़ी-बड़ी मूर्तियां ध्वस्त हो सकती हैं? हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी चिर-परिचित शैली के चलते इस महाकाल महालोक में हुए भ्रष्टाचार का ठीकरा नरेन्द्र मोदी पर थोपने की भी साजिश उनके ही मंत्रिमण्डल के सदस्य भूपेन्द्र सिंह यादव की उपस्थिति में प्रधानमंत्री के नौ वर्ष पूर्ण होने के कार्यकाल के कार्यक्रम में यह कहकर देने का प्रयास किया था कि मोदी जी हमेशा विकास कार्यों के लिये उत्साहित रहते हैं? यही नहीं अगर मोदी जी से विकास कार्य या नई योजना के संबंध में चर्चा होती है तो वह उस योजना के संबंध में बहुत सारी जानकारियां और ज्ञान देने में उत्सुकता दिखाते हैं? शिवराज के इस तरह के भाषण को लेकर लोग यही चर्चा करते नजर आ रहे हैं कि देखा कितनी होशियारी से शिवराज ने अपने शासन की भ्रष्ट कार्यशैली और मंत्रियों व उन अधिकारियों के दोष भ्रष्टाचार का ठीकरा मोदी पर फोडऩे का काम किया? इस बात को लेकर मध्यप्रदेश भर में तरह-तरह की चर्चायें चटकारे लेकर की जा रही हैं और धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार की श्रृंखला में जहां पहले इन्हीं शिवराज सिंह के मंत्रीमण्डल के मंत्री और अधिकारी २००४ और २०१६ में सिंहस्थ के नाम पर जमकर घपले घोटाले की चर्चायें भी फिर से जारी हैं? वहीं उज्जैन में आने वाले महाराष्ट्र और गुजरात के साथ-साथ अन्य प्रांतों के दर्शनार्थी जब धर्म के नाम पर हुए इस भ्रष्टाचार से निर्मित महाकाल महालोक को क्षतिग्रस्त स्थिति में देखता है तो उनकी आस्था पर चोट तो पहुंचती ही है? साथ ही जब उसेकी निर्माण की कहानी लोगों से सुनने को मिलती है? वह भी कहने से नहीं चूकते कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली शिवराज सिंह की सरकार के भ्रष्ट मंत्री व अधिकारी क्या नहीं कर सकते है? इसका जीता जागता उदाहरण यह ध्वस्त महाकाल महालोक है ? साथ ही कुछ लोगों को तो यहां तक कहते सुना जा सकता हैं कि” देते हैं भगवान को धोखा इंसा को क्या छोड़ेंगे ? “वैसे महाकाल महालोक के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर तरह-तरह की चर्चायें लोग चटकारे लेकर करते नजर आ रहे है? लोगों को तो यहां तक कहते हुए लोगों ने सुना कि “ना खाऊंगा और ना खाने दूगां “का ढिढोरा पिटने बाले हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार को लेकर बडे भाषण देश ही नहीं दुनिया के लोगों ने काल किले से लेकर अनेकों अवसर बडे-बडे भाषण पर अपने भाजपा सरकार में समाजवादी नेता डाक्टरी राम मनोहर लोहिया के समाजवादी नेता बिहार के नेता कर्पूरी ठाकुर जैसे एक भी मुख्यमंत्री बनाने गौरव हासिल नहीं कर पाए जो दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे? मगर जब उनके कुल जमा संपत्ति एक टुटी झोपडी ही निकली थी? ऐसा दावा ना तो प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं? और ना ही भाजपा राष्ट्रीय नेता से लेकर वह छुट भईय्या नेता जो कांग्रेस के नेताओं और उनके शासनकाल को लेकर गला फाड़ फाड़ कर भाजपा के छोटे बड़े आयोजनों एवं निजी चैनलों में चिल्ला चिल्लाकर भाजपा के इमानदार होने का ढिंढोरा पिटते है? लोगों का कहना है हमारे प्रधानमंत्री मोदी ही नहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने उमाश्री को सत्ता से हटाने के बाद जब सत्ता पर काबिज होकर अपनी पहचान छुपा कर डंपर खरीदने से अपने शासनकाल की कार्यशैली का परिचय मध्यप्रदेश ही नहीं देश की जनता को दे चुके थे? तब केन्द्र में सरकार भले ही कांग्रेस की थी? मगर ऐसा लोगों का कहना कि 2014 से तो केन्द्र की सरकार पर हमारे वही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काबिज है? जो सत्ता पर काबिज होते ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का झुनझुना इस देश की जनता को थमाए हुआ है मध्यप्रदेश की वह जनता जो प्रधानमंत्री से हमारे छह पूडियों आचार और दो सो देकर भीड एकत्रित कर अपनी लोकप्रियता की बदौलत प्रधानमंत्री और भाजपा हाईकमान को चुनौती देने में नहीं चूकते है? ऐसा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यही नहीं हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो स्वयं अपने मुख से प्रदेश के भ्रष्ट अधिकारियों को यह चेतावनी देते नहीं थकते कि भ्रष्ट अधिकारी मध्यप्रदेश छोड दे़ं?, क्योंकि उनके लिए मध्यप्रदेश में कोई जगह नहीं है? मगर इनके वह चहते अधिकारियों को वह क्यों भ्रष्टाचार करने की छूट दे रखे हैं? जो शिवराज सरकार की भ्रष्ट तम कार्यशैली के चलते सरकारी योजनाओं को फर्जी आंकड़ों पर रंगोली सजाकर केन्द्रीय या राज्य शासन की राशि में हेराफेरी में माहिर हैं? यही नहीं कि इस प्रकार छूट शिवराज सरकार में अपने चहते अधिकारियों को ही प्रदान है? बल्कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले शिवराज सरकार में एक मात्र मंत्री आबकारी मंत्री जगदीश देबड़ा की कार्यशैली की चर्चा करते जिन मंत्रियों में प्रमुखता से भाजपा के मालवा और उज्जैन के नेता ले रहे हैं? क्योंकि इन भाजपा नेताओं का यह मानना है कि धर्म के नाम पर मरे का माल पचाने की क्षमता आबकारी मंत्री जगदीश देवढा में है इतनी क्षमता किसी में नहीं है? ऐसा भाजपा के नेताओं का मानना है साथ ही यह भाजपा ने जगदीश देवढा के उन संवेदनशील मतदाताओं को सादर नमन करते हुए यह कहते हैं? बरंबार आबकारी मंत्री जगदीश देवढा के उन मतदाताओं को जो अपने ही परिजन और साथियों की जहरीली शराब पिलाकर 14 लोगों को मौत के घाट उतारने बाले अपने जनप्रतिनिधि को अपना अमुल्य मत देकर विधायक चुनने परहेज़ नहीं करते जो जनप्रतिनिधि उस शराब कारोबारी जिसके यहां से खरीदी गई जहरीली शराब कारोबारी के बेटे से सोने की चैन भेंट लेने अपनी शान समझते हैं? ऐसे जनप्रतिनिधि को चुन में भी मतदाताओं को मलाल नहीं है? वैसे शिवराज सरकार में ऐसे एकमात्र रत्न अकेले आबकारी मंत्री जगदीश देवढा ही नहीं अनेकों मौजूद है? उनमें एक वह भिंड के धुर्धरों में सुमार सहकारिता मंत्री अरविन्द भदौरिया के नाम का चर्चा करते हुए यह वरिष्ठ भाजपाई कहते हैं? कि वही मंत्री हैं? जिनको 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान छतरपुर के बडामलहरा के एक मंदिर में उमाश्री को घेरने पर जब उमाश्री के समर्थकों और उनके भतीजे ने जो दिशा दशा की गति की थी उसका सही बखान घटना के समय मौजूद लोग जिनमें कुछ लोग अभी भाजपा में मौजूद है इनसे कुछ पास तो घटना की सहकारिता मंत्री अर्धनग्न मोहक छवि की तस्वीर मौजूद है जिसे वह चटखारे लेकर दिखाते तो हैं ही ? मगर घटना समय सहकारिता मंत्री भदौरिया की गति लोगों ने की थी उस चटखारे लेकर सुनाते हुए बताते हैं? शिवराज सरकार के वह सहकारिता मंत्री भदौरिया वहां किस हालत छोड़कर भागे थे ? आज वही बडामलहरा के रणछोण मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग में तांडव करने तो लगे हुए वही जनसंघ के जमाने से लेकर राजमाता विजया राजे से मिलने शिवराज सिंह चौहान और अनेकों नेता घंटों प्रतीक्षा करते थे? आज उन्हें की राजकूमारी की छवि खराब करने के लिए शिवपुरी के सहकारी केन्द्रीय बैकों में जमा गरीबों राशि पर भदौरिया के ही एक पंडित राकेश भदौरिया जो भदावर का निवासी होने के कारण उसने भी भदौरिया नाम रखकर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में करोड़ों का घोटाला कर रखा है मगर उसके भदौरिया का मुखौटा लगा रखा उसकी बजह से सहकारिता विभाग के अधिकारी तो बडी जोडती कर कलेक्टर पाने बाले आईएएस चौधरी भी चुप्पी साधे हुए हैं? यह नहीं आजकल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ढिंढोरा लाडली बहिना के नाम पर खूब चल रहा है उसी ढिंढोरा के बीच शिवपुरी जिले के पिछोर की एक बहना के भदौरिया के ही सहकारिता विभाग के बैंक के मैंनेजर ने बैंक झाड़ू पौझा का काम करने बाली एक बहना सौनी को सहकारिता में भदौरिया शायद ठाकुर परंपरा के कारण उस गरीब महिला को बहना नहीं मानते और यही शिवपुरी के कलेक्टर जो चौधरी है? अपनी चौधराहट की बजह से सोनी के साथ हुई अनैतिकता नहीं मानकर पिछोर सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रबंधक के खिलाफ कुछ भी कार्यवाही करने की फुर्सत कलेक्टर नहीं एकर मिल रहीहै? ऐसे एक नहीं सैकड़ो उदाहरण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार की कार्यशैली के प्रदेश भर राजधानी के राजनैतिक क्षेत्र में लोग चटखारे लेकर करते नजर आ रहे है?
