
प्रतापपुर :- उद्यानिकी विभाग का हेड क्वार्टर सूरजपुर जिले के मुख्यालय में वर्षों से स्थापित है इसके तहत जिले के लगभग सभी तहसील मुख्यालय में उद्यान संचालित है जिन्हें शासन के द्वारा हर वर्ष करोड़ों का बजट प्रदाय किया जाता है शासन का मकसद इन के माध्यम से क्षेत्र में पौधे लगाने फलदार वृक्ष लगाने एवं किसानों को समय-समय पर शासन की योजनाओं का लाभ प्रदाय करने हेतु प्रचार प्रसार एवं जनता को ग्रीनरी-हरियाली, के प्रति जागरूक करने जिससे कि हमारा पर्यावरण संतुलित रह सके और हर मौसम समयानुसार अपना कार्य कर सके। परंतु इसके विपरीत न तो कोई प्रचार-प्रसार ना ही सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना केवल कागजों में ही सभी योजनाओं को पूर्ण बताते हुए लाखों करोड़ों रुपए का चूना लगा दिया जाता है। इसी सिलसिले में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव भजन मरावी द्वारा जानकारी दी गई कि वे लगातार 10 मई से जिला मुख्यालय सूरजपुर में उद्यानिकी विभाग में जाते रहे समय-समय पर परंतु हमेशा विभाग प्रमुख कभी नहीं मिले बाबू मिलता था उससे जब जानकारी लेने का प्रयास किया जाता था उनका कहना था कि मुझे मालूम नहीं अधिकारी बताएंगे और बहाना बता देते थे कि अधिकारी आज नहीं है शासकीय कार्य से रायपुर गए हुए हैं। मरावी स्वयं एक जागरूक किसान है उन्हें स्वयं के लिए शासन की योजनाओं की जानकारी तथा उद्यान संबंधित कृषि किट की आवश्यकता होती है उसी सिलसिले में वे तीन चार बार जिला मुख्यालय गए परंतु हर बार खाली हाथ लौटना पड़ा यही स्थिति प्रतापपुर उद्यानिकी विभाग का है केवल फर्जी मस्टर रोल कागजों में योजनाओं को पूर्ण बता दिया जाता है अधिकारी ना मिलने पर बहाना बताया जाता है कि वह जिला मुख्यालय गए हुए हैं। ऐसा लगता है कि कुछ लोगों के लिए यह विभाग जीने खाने के लिए बनाया गया है इस समाचार के माध्यम से जनप्रतिनिधि इस ओर विशेष ध्यान दें और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए जिससे की आम जनता का टैक्स के पैसे का बर्बादी ना हो। जिस मकसद के लिए यह विभाग स्थापित है उस मकसद की प्राप्ति हो सके। अंत में सभी पत्रकार बंधुओं से निवेदन है कि इस विषय को अपनी पत्रिका में अवश्य जगह दें। जनहित में अति आवश्यक है।
