प्रमोशन मे देरी से नाराज सहायक शिक्षकों ने गरियाबंद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

गरियाबंद :- छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में प्रमोशन कि प्रक्रिया इन दिनों अंतिम चरण में है। वहीं गरियाबंद जिले में प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पदों पर पदोन्नति कि प्रक्रिया विगत 31 अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी। जिसके अन्तर्गत गरियाबंद जिले के अधिकांश सहायक शिक्षकों को काऊसिलिंग के माध्यम से पदोन्नति दे दी गई है। लेकिन वही दूसरी ओर जिले के सैकड़ों सहायक शिक्षकों का विभागीय जांच का हवाला देकर पदोन्नति में रोक लगा दिया गया है कि शिक्षा विभाग सर्वप्रथम उनकी विभागीय जांच करके उसके उपरांत ही पात्र शिक्षकों को पदोन्नति देगी। ज्ञात हो कि छ: महीनें बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग ने जांच पूर्ण नही कर सका है। जिसके कारण सहायक शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आक्रोशित सहायक शिक्षकों ने बताया कि जांच प्रक्रिया एवं पदोन्नति में लेटलतीफी होने के कारण उनके सीनियार्टी को भी नुकसान पहुंचेगा। इतना ही नही बल्कि जिले के कई सहायक शिक्षकों का रायपुर संभाग में भी उच्च श्रेणी शिक्षक के पदों पर पदोन्नति सूची में नाम शामिल है। जिसका पदोन्नति हेतु काऊसिलिंग प्रक्रिया रायपुर में गत 17 मई से 21मई तक चला। जिसमें भी उन्हें विभागीय जांच/परीक्षण अपूर्ण है कहकर काऊसिलिंग में शामिल होने से वंचित रखा गया। इसलिए भी सहायक शिक्षकों में नाराजगी है। आक्रोशित सहायक शिक्षकों ने गत दिनों छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन जिला इकाई गरियाबंद के नेतृत्व में गरियाबंद कलेक्टर प्रभात मलिक को ज्ञापन सौपकर मांग किया है कि जिलेभर के सहायक शिक्षकों का विभागीय जांच पूर्ण करवाकर शीघ्र लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू किया जाये। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि शिक्षा विभाग में संविलियन होने के उपरांत किसी भी सहायक शिक्षकों का विभागीय जांच सबंधी कोई भी प्रकरण लंबित नही है। फिर भी सहायक शिक्षक जांच के लिए तैयार है। लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते 6 माह बीत जाने के बाद भी जांच पूर्ण नही हो सका है।

प्रतिनिधिमंडल के मांग पर गंभीरता दिखाते हुए गरियाबंद कलेक्टर प्रभात मलिक ने दूरभाष के माध्यम से गरियाबंद डीईओ को निर्देशित किया है कि लंबित मामलों कि जांचकर शीघ्र पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करें। वहीं पदोन्नति में लेट लतीफी के कारण एक बार फिर जिलेभर के सहायक शिक्षकों द्वारा आंदोलन की रणनीति बनाई गई है। इस संबंध में फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया में और विलंब हुआ तो अपने अधिकार के लिए समस्त सहायक शिक्षक जिला कार्यालय गरियाबंद का घेराव प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगें। जिसकी संपूर्ण जवाबदेही सबंधित विभाग की होगी। ज्ञापन देने जिलेभर के सहायक शिक्षकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।प्रतिनिधिमंडल में प्रमुखरूप से जिलाध्यक्ष कुमेंद कश्यप, उपाध्याक्ष खोमन सिन्हा, कोषाध्यक्ष गणेश दूर्गा, मैनपुर ब्लॉक अध्यक्ष उमेश श्रीवास, सचिव सुरेश शर्मा, वीरेंद्र बघेल, अजय यादव, अजय सिन्हा, रूद्रप्रसाद त्रिपाठी, भुवन मांझी, मोतीलाल दूर्गा, अवतार सिन्हा, जितेंद्र नागेश, जनसिंह सोरी, रूपसिंह यादव, अशोक मांझी, सुनील कुमार, वीरेंद्र यादव लक्ष्मीकांत दूबे, जगजीवन प्रधान महेंद्र यादव, अशोक मांझी, गजानन बघेल, वेदमल भाठी शंभू मिश्रा, संतराम डोंगरे, बनसिंह नागेश,भोमराज देवांगन अजय सेन, छबिश्याम साहू, मिथलेश ध्रुव, पुनारद निषाद, कुंवर नागेश,भागवत पटेल, लिलाम्बर मांझी,आदि बडी़ संख्या में शामिल हुए।