प्रदेश को ऊंचाइयों तक ले जाना हर युवा की प्राथमिकता मे होना चाहिए :- निखिल कुमार।


सुरेन्द्र मिनोचा
अनूपपुर :- भारतीय जनता युवा मोर्चा के अशोक सम्राट मंडल के मीडिया प्रभारी निखिल सैनी का कहना है कि युवा देश का कल है, युवा देश का गौरव है । इसी बात को ध्यान मे रखते हुए मध्य प्रदेश मे नई युवा नीति कि घोषणा हुई । राज्य की नई युवा नीति, इसके विजन, मकसद और मिशन पर मेरे विचार है । स्वर्णिम मध्यप्रदेश की अवधारणा को पूरा करने के लिए प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान चिंतित भी हैं, संकल्पित भी। इस स्वप्न को साकार करने के लिए उन्होंने अपनी अपेक्षाएं, आशाएं, उम्मीदें और पूर्ण विश्वास युवाओं पर रखा है। दूसरी ओर युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार कहते हैं कि प्रदेश सफलताओं और उपलब्धियों के शिखर पर होगा यदि इसके कर्णधार और पताका धारक होंगे हमारी युवा मोर्चा । ये अपेक्षा वर्तमान परिपेक्ष्य मे काफी सार्थक भी दिखाई पड़ती है। आज प्रदेश का युवा हर एक क्षेत्र मे अपना परचम लहरा रहा है और अपनी सफलता की कहानियां गढ़ रहा है। खेल जगत से लेकर साहित्य और उद्यमिता तक हर क्षेत्र में इसके प्रभाव दिखाई दे रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि अपना लक्ष्य तय करो और उसके लिए लग जाओ।

आज मध्यप्रदेश का युवा अपने लक्ष्यों को भलीभांति समझकर उन पर काम कर रहा है। वह न सिर्फ काम कर रहा है, बल्कि एक बेहतर परिणाम स्वयं और प्रदेश को दे रहा है। इसमे प्रदेश सरकार का भी महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि आज मध्यप्रदेश का युवा अपनी आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य कर पा रहा है और खुद के व्यक्तिव का विकास कर पा रहा है। हाल ही मे प्रदेश की युवा नीति भी लॉन्च की गई और जैसा मुख्यमंत्री जी का आह्वान था कि ये नीति युवा स्वयं अपने लिए बनाएंगे। “यह नीति आपको बनानी है”(प्रदेश सरकार का युवाओं सेआह्वान) इसीलिए युवाओं के सुझाव आमंत्रित किए गए और उसी आधार पर मध्यप्रदेश की युवा नीति तैयार की गई। यह सशक्त प्रमाण है, इस बात का कि वर्तमान का समय, वर्तमान का परिपेक्ष्य, वर्तमान की सफलता युवाओं की है। इसलिए मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा है। यूथ महापंचायत, सुशासन समागम, यंग अचीवर्स कार्यक्रम, युवा संवाद ये सभी कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने की राह में एक कदम है और न केवल इतना बल्कि उत्कृष्ट कार्यों के लिए विवेकानंद युवा पुरस्कार भी शुरू किया गया है। खेलों में लगातार होते बेहतर प्रदर्शन, उद्यमिता मे युवा उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी यह सब मध्यप्रदेश के युवाओं को सशक्त, स्वाबलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की राह में एक कदम है। यह कहना काफी हद तक सार्थक होगा कि आज प्रदेश का युवा हिंदुस्तान में अपनी एक अलग पहचान रखता है।