*यह सिर्फ चुनाव है किसी भी पार्टी की जीत हो हार लेकिन मानवता समाप्त नहीं होना चाहिए…*
*विजया पाठक, एडिटर, जगत विजन*
पश्चिम बंगाल में 292 विधानसभा सीटों पर 8 चरणों में चुनाव होना है। विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए तृणमूल कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य पार्टियां इन दिनों जोर-शोर से चुनाव प्रचार प्रसार और रैलियों में जुटी हुई है। लेकिन इस बार का बंगाल चुनाव काफी रोमांचक होने वाला है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी बंगाल की सरजमीं पर भगवा झंडा लहराने के लिए उत्सुक है वहीं दूसरी तरफ ममता बैनर्जी एंड बिग्रेड बंगाल में अपनी साख बचाए रखने के लिए दिन रात एक कर प्रचार प्रसार में जुटी हुई है। पहली बार बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को क्लीन बोल्ड करने के उद्देश्य से मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी ने अपने शीर्ष स्तर के नेताओं को बंगाल में चुनावी तैयारियों के लिए काफी पहले ही उतार दिया था। इस तैयारियों की जिम्मेदारी भाजपा ने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के कंधों पर दी है। खास बात यह है कि कैलाश विजयवर्गीय इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए पिछले कुछ महीनों से लगातार बंगाल में डटे हुए है और लगातार भाजपा को अधिक से अधिक सीटों पर विजयी बनाने की योजना पर काम कर रहे है। इस बीच में देखा गया कि ममता बैनर्जी के पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और सांसदों ने ममता का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। इससे ममता की मुश्किले जरूर बढ़ गई है, लेकिन उन्होंने अभी हथियार नहीं डाले और वो लगातार रैलियां कर जनता से उनको एक बार और मौका देने की गुहार लगा रही है। कुल मिलाकर चुनाव की तैयारियों के बीच में पिछले कुछ दिनों से बंगाल में एक अलग तरह का माहौल दिखाई दे रहा है। यह माहौल है पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला, मारपीट आदि। ताजा मामला है ममता बैनर्जी के पैर में लगी चोट का। हालांकि उन्हें यह चोट नंदीग्राम में रैली के दौरान भीड़ बढ़ जाने की वजह से लगी है। लेकिन ममता एंड पार्टी के नेता इसे भाजपा की साजिश करार दे रहे है। परेशानियों का सामना करने में माहिर ममता ने निर्णय लिया कि वे अगले दो तीन दिन व्हील चेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार करेंगी। जाहिर है कि ममता के इस कदम से कहीं न कहीं उन्हें और उनकी पार्टी को जनता से सहानुभूति मिलेगी। बंगाल चुनाव की तैयारियों के बीच यह पहला मामला नहीं है जब किसी राजनेता पर इस तरह से हमला हुआ हो। इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के ऊपर भी कुछ असामाजिक तत्वों ने इस तरह का हमला किया था, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता घायल भी हो गए थे। सत्ता की लालसा में राजनैतिक पार्टियों द्वारा इस तरह की कार्यशैली ठीक नहीं है, यह कहीं न कहीं देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करती है।
