भोपाल-अवधेश पुरोहित

भोपाल :- मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज की कार्यशैली के अनुसार चले रहे प्रदेश में भ्रष्टाचार की पोल खोलना भारी पड़ संत पुरुष स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को, पिछले दिनों बागली विधानसभा क्षेत्र में आवास क्षेत्र में लोहरदा, सतववास, कांटाफोड़ नगर परिषद में करोड़ों रुपये के आवास योजना की धांधली को लेकर दीपक जोशी मैदान में उतर गये जिससे शिवराज व मौजूदा संगठन को बुरा लगा जोशी ने अपने ही संगठन की पोल खोल दी २० वर्ष पहले भाजपा संगठन के चुनाव हुए थे जिसमें कैलाश जोशी ने विक्रम वर्मा ने साथ दिया था जिसके कारण शिवराज को शिकस्त मिली थी तबसे जोशी परिवार से शिवराज खुन्नस पाले हुए थे जोशी का कुछ बिगड़ा नहीं लेकिन उनके जाते ही शिवराज ने जोशी को मात देते हुए दीपक को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया जिसके चलते दीपक को पार्टी छोडऩा ही पड़ी उनके पिता के समय की खुन्नस पाले हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की नाराजगी के चलते जब कोरोना काल में दीपक जोशी की पत्नी बीमार हुई तो उनका उपचार भी ठीक से न होने के कारण वह अपनी पत्नी को खो चुके हैं हालांकि इस संबंध में एक मंत्री के चमचे यह कह रहे हैं कि कोई जनप्रतिनिधि इतना कमजोर नहीं होता कि उनके परिवार को मदद न मिल सके जो एक मंत्री के भक्त इस तरह की बात कह रहे हैं कि उन्हें यह नहीं पता कि वह कैलाश जोशी के पुत्र हैं जिनको लोग ही नहीं बल्कि भाजपा के लोग संत पुरुष कहते थे हालांकि दीपक जोशी ने हाटपिपल्या में पालिटेक्निक महाविद्यालय अपेन पिता कैलाश जोशी के नाम पर करने की भी मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से गुहार लगाई थी लेकिन शिवराज और शर्मा ने दीपक जोशी को हल्के में लिया मुख्यमंत्री शिवराज ने १४ जुलाई को जोशी की प्रतिमा अनावरण के समय वादा किया था कि अगला जिला बागली को बनाया जाएगा लेकिन अभी तक नहीं बना दीपक जोशी से हमेशा लोग यही मांग करते आये और जोशी भी इस तरह की मांग करते रहे लेकिन उनकी बात नहीं मानी पार्टी छोडऩे का एक कारण यह भी है फिलहाल जिले में भाजपा कार्यकर्ता यह मांग करते आ रहे हैं कि कैलाश जोशी के परिवार के साथ भाजपा ठीक नहीं कर रही है यह स्थिति जब संत पुरुष की है तो आम कार्यकर्ता की क्या होगी इसी को लेकर जिले के कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि कैलाश जोशी के तमाम कार्यकर्ता भाजपा से नाराज हैं?
