*श्री राम की कथा अनुकरणीय है:-रूपसिंग साहू*

*श्री राम की कथा अनुकरणीय है:-रूपसिंग साहू*


फिंगेश्वर ग्राम जामगांव स्थित समस्त ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी व कथावाचक सुश्री वर्षा नागर दीदी जी नलखेड़ा उज्जैन (मध्यप्रदेश) के सानिध्य में सात दिवसीय श्रीराम कथा आयोजन किया जा रहा है राम कथा के पांचवा दिन में रूपसिंग साहू सामाजिक कार्यकर्ता एवं कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ युवा प्रकोष्ठ रायपुर संभाग ने शामिल होकर सुश्री वर्षा नागर जी को श्रीफल व साल भेंट कर क्षेत्र के लिए आशीर्वाद व खुशहाली समृद्धि के लिए सिर झुका कर प्रणाम करते हुए कहा कि श्री राम कथा सुनने से समाज में समरसता परिवार में एकता जीवन में सुख और समृद्धि होता है खुशहाली आता है समाज में जागरूक होते हैं बड़ा सौभाग्य हैं की आज यह जामगांव के पावन धरती में महाशिवरात्रि के पर्व में भगवान शंकर पार्वती जी का कथा हम सब को सुनने को मिला आज के दिन भगवान शंकर माता पार्वती जी की शादी के दिन का पर्व कहा जाता है व श्री राम कथा के पांचवें दिन में पहुंच कर मुझे भी सौभाग्य मिला कि इस कथा में शामिल होने का अवसर मिला भावनाओं से आज इस अंचल में भगवान श्री राम माता कौशल्या के आशीर्वाद से सुख समृद्धि लगातार बन हुई है भगवान श्री राम को सिर्फ भक्ति से पाया जा सकता है तर्क से नहीं भगवान के भक्ति में अहंकार की जगह नहीं होती है इसका भी अर्थ भक्ति का अर्थ है ज्ञान व वैराग्य और अर्थ परम तत्व की प्राप्ति है मतलब जो भक्ति ज्ञान वैराग्य को बढ़कर परम तत्व की प्रति प्राप्ति कराया श्री राम कथा में राम अवतार की कथा के बारे में कथा वास त्रेता युग में भगवान धरती पर श्री राम के रूप में अवतार हुए और संसार को रावण से त्रास में मुक्त किया गया कथा का श्रवण लाभ भक्तों को कराया जा रहा है श्री साहू ने कहा कि मनुष्य को चाहिए कि वह भगवान राम के जीवन से आदर्शों की सीख ले और उनका अनुसरण करें भगवान चाहते तो संकल्प मात्र से अपनी बाधाएं दूर कर सकते थे लेकिन अवतार लेकर मनुष्य को भगवान ने यह दिखाया कि कैसे जीवन की कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए उनका सामना करना चाहिए भगवान राम ने चरित्र का दर्शन संसार को दिया तो कृष्ण लीला कर सबको मोहित किया इसलिए राम जी की कथा अनुकरणीय और श्री कृष्ण कथा श्रवणीय है। मनुष्य को परिपक्व बनाती है निर्णय लेने की क्षमता आ जाती है तथा उनको शब्द में मजबूती स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है यह मात्र कथा कहानी नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने का काम करती है अच्छे कर्म सही मार्ग में लाने के लिए बार-बार प्रेरित करते हैं निर्धारण हम नहीं करते हैं तो फिर अहंकार किसलिए उक्त श्री राम कथा में श्रद्धालुओं एवं भक्तगण बड़ी तादात में आसपास के क्षेत्र से करीब लगभग 1500 लोग सपरिवार शामिल होकर इस पुण्य काम में सहभागी के पात्र बने।