
नवापारा राजिम :- 1 मई को उनके निवास पर प्रदेश के कोने कोने से आए उनके शुभ चिंतकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और उनको अपनी शुभ कामनाएं दी, सभी उनके साथ फोटो खिंचाने को उतावले हो रहे थे, पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन की मंगल कामना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसा बिरला व्यक्तित्व ही होगा जिसे राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर सभी का ऐसा अपार स्नेह और सम्मान मिला हो और यही उनकी अनमोल सम्पदा है ।

पिछले 35 वर्षों से विधायक रहते हुए उन्होंने प्रदेश को प्रगति के शिखर पर पहुंचाने के जो कार्य किए, वह उनकी उपलब्धियों का अनुपम कीर्तिमान है,शास्त्री जी ने कहा कि राजिम से तो उनका विशेष लगाव रहा है, छत्तीसगढ़ के इस प्रयागराज को उन्होंने “राजिम कुम्भ” का दर्जा दिलाकर सभी साधु संतो का आशीर्वाद पाया था, हमारे देश के श्रद्धेय जगद्गुरु शंकराचार्यों, जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद, भाई रमेश भाई ओझा, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य, चक्रमहमेरू पीठ के स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ, सतपाल महाराज, पण्डित विजय शंकर मेहता आदि हजारों संतो और महामंडलेश्वेरो की पावन उपस्थिति ने इस अंचल की गरिमा और महिमा को सारे संसार में फैला दिया था, सनातन धर्म की इससे बड़ी और क्या सेवा हो सकती है, हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राजिम कुम्भ की भूरी भूरी प्रशंसा की थी और अपनी इस समग्र आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते थे, अंचल की जनता ने उन्हें उनके जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।
